सुनील उपाध्याय
बस्ती । गुरूवार को स्कूलों में श्री कृष्ण जन्मोत्सव पर केन्द्रित आयोजनों की धूम रही। सत्यम् शिवम सुन्दरम प्ले गु्रप स्कूल कोतवाली रोड पर श्री कृष्ण रूप सज्जा प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। स्कूल में श्री कृष्ण जन्माष्टमी की झांकी सजाकर नन्हें मुन्ने छात्र-छात्राओं को इस महत्वपूर्ण पर्व की जानकारी दी गई। श्रीराधा, कृष्ण का रूप धरे छात्रों ने अपनी तोतली आवाज में अभिनय के द्वारा वातावरण को कृष्णमय कर दिया।
‘नटखट नन्द किशोर, माखन खा गयो माखन चोर, गीत पर बच्चों ने प्रस्तुति देकर मन मोह लिया। संचालिका नीतू अरोरा ने कहा कि ऐसे आयोजनों से बच्चों में स्वाभाविक रूप से संस्कृति का ज्ञान होने के साथ ही वे संस्कारी बनते हैं। सामाजिक कार्यकर्ता नन्द किशोर साहू ने कहा कि बचपन में दिये संस्कारों का प्रभाव सदा बना रहता है। श्रीकृष्ण के जीवन की विभिन्न छवियां स्वतः आकर्षित करती है।
श्री कृष्ण लीला में हिमांशु अरोरा, आराध्या, गर्विक, मो. युनूस, प्रज्ञा, अर्थव, पिन्टू, प्रणव, दर्शित, नव्या, दिव्यांश, आदित्य, नैमिष, ओजस्वी, वैभव, इशिका, रामांश, अर्शिका आदि ने हिस्सा लिया। श्रीकृष्ण रास लीला में हिस्सा लेेने वालों में इशिका वर्मा प्रथम, नव्या लखमानी द्वितीय, गीतिका लखमानी को तृतीय स्थान मिला जिन्हें पुरस्कार देकर उत्साहवर्धन किया गया।
इसी क्रम में स्थानीय मिश्रौलिया स्टेट स्थित ग्रीन वैली एकेडमी में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी बच्चों के बीच हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया। श्रीकृष्ण के जीवन से सम्बन्धित सभी घटनाओं का बच्चो ने विविध परिधान मे चित्रण किया। कही कोई राधा, बलदाऊ, गोपाल, नंद बाबा, यशोदा मा सहित विविध परिधानों मे बच्चों की प्रस्तुति से मानो स्कूल स्कूल न होकर गोकुल धाम हो गया।
मटकी फोडो प्रतियोगिता बच्चों के बीच कौतुहल का विषय रहा। डायरेक्टर डा अजीत प्रताप सिंह ने कहा कि बच्चों को भारतीय संस्कृति और परम्परा से परिचित कराना हमारा उत्तरदायित्व है यही नन्हे मुन्ने बच्चे इस परम्परा को अक्षुण्ण बनाने मे अपनी सार्थक भूमिका का निर्वहन करेगे। प्रधानाचार्य संध्या सिंह ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमो से बच्चों मे आत्मविश्वास की वृद्धि के साथ सर्वधर्म सम्मान की भावना का विकास होता है। इस अवसर
पर शशि श्रीवास्तव, सिवांगी,सोनम, जया शुक्ल, रेनू, प्रदीप यादव, नेहा, आदि का विशेष योगदान रहा।



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