आलोक बर्नवाल
संतकबीरनगर। शासन प्रशासन जहां पर स्वास्थ्य व्यवस्था को सुधारने के लिए हर स्तर पर प्रयास कर रही है। वही इसके जिम्मेदार व्यवस्था पर पानी फेरने को तैयार रहते है। जिससे एक स्टाफ नर्स की लापरवाही से एक गर्भवती महिला को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। जिससे पीड़ित पति ने चौकी प्रभारी सांथा से तहरीर देते हुए न्याय की गुहार लगाई है। बताते चले कि सांथा ब्लॉक के ग्रामपंचायत लोहरसन निवासी छन्नेलाल पुत्र गौरी निषाद ने सांथा चौकी पर शिकायती पत्र दिया गया। जिसमे पीड़ित द्वारा बताया गया कि मेरी चार माह की गर्भवती पत्नी फूलमती को सांथा प्रसव केन्द्र पर कमजोरी एवं दर्द की दवा कराने हेतू ले जाया गया। एक सप्ताह पूर्व में स्टाफ नर्स प्रियंका के आवास पर दिखाया गया था। जिसमें उनके द्वारा दवा आदि किया जा रहा था। जिससे उनके तबियत में कोई सुधार नही हुआ और हालत पहले से भी खराब होती रही। जिससे पुनः स्टाफ नर्स को बीते दिन मंगलवार दवा हेतू दिखाया गया। जिसमें उनके द्वारा दवा दिया गया जिससे मेरी पत्नी की हालत और भी खराब हो गई। इस इलाज के दौरान मेरी पत्नी की मौत हो गई। जिसके बाद स्टाफ नर्स द्वारा कहा गया भाग जाओ और मै अपनी पत्नी की लाश को लेकर घर आ गया। मेरे पास तीन छोटे बच्चे है। अब इन बच्चो के ऊपर से मां का साया उठ गया और मेरी दुनिया ही उजड़ गई। इलाज के लिए एक बार 5000 रुपये, और दूसरी बार 1500 रुपये इलाज के बाबत लिए गए। इस बाबत सांथा चौकी प्रभारी से गुहार लगाते हुए दोषी के ऊपर कार्यवाही करते हुए न्याय दिलाई जाए मांग की गई है।

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