डॉ लालचंद्र
धर्मसिंहवा, संतकबीरनगर। यदि मित्रता करो तो कृष्ण सुदामा की तरह निस्वार्थ भाव से करो। ग्रामपंचायत धर्मसिंहवा बाजार में चल रही भागवत कथा वृंदावन धाम से पधारे श्री संतोष शुक्ल जी महाराज द्वारा कहा गया। उनके द्वारा संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा रसपान का आज अंतिम दिवस पर श्रोताओ की भीड़ जुटी रही। इस अवसर पर महिला पुरुष श्रद्धालुओ की भारी भीड़ उमड़ी। श्री संतोष शुक्ल जी महाराज जी अपनी मधुर वाणी से अमृतमय कथा को कहते हुए कहा कि कृष्ण और सुदामा की मित्रता तब हुई थी जब सन्दीपन गुरु के यहाँ शिक्षा गृहण करने गये थे। यह मित्रता निस्वार्थ भाव की मित्रता थी। जो जन्म जन्मान्तर के लिए अमर हो गई। अगर किसी से मित्रता करो तो कृष्ण सुदामा की तरह निस्वार्थ भावना से करो। वर्षों तक मुलाकात नही होने पर भी एक दूसरे के बेहद करीब रहे, कभी भी दूर नही हुऐ है। आज के इस समय के अनुसार सैकड़ों मित्र मत बनाओ मित्र एक बनाओ नेक बनाओ और सदा मित्रता को निभाओ। जो सुख दुख हर पल मित्र के साथ खड़ा हो वही सच्चा मित्र होता है। बरसाने की होली, सुदामा कृष्ण मिलन ओर बहुत सी मनमोहक झाकिया प्रस्तुत की गई। इस मौके पर राममिलन गौड, राजकुमार मद्धेशिया, राजेश पांडेय, डाक्टर डी के राय, सुभाष विश्वकर्मा, अमितेश त्रिपाठी, पवन मद्धेशिया, आशीष मद्धेशिया, ओमप्रकाश मोदनवाल, सुबोध मद्धेशिया, रमेश मद्धेशिया, सौरभ जायसवाल, मनोज वर्मा, दिलीप मद्धेशिया, अनिल मोदनवाल, सूरज मद्धेशिया, सुधीर मद्धेशिया, सौरभ मद्धेशिया, राजेंद्र मद्धेशिया, सोमई वर्मा, रोशन मद्धेशिया, सुजीत मद्धेशिया, श्यामसुंदर मद्धेशिया, श्यामू मद्धेशिया ,साधू पटवा, विपिन उर्फ भोले पांडेय, राजकुमार जायसवाल, फूलचंद मध्देशिया, किशोरी गुप्ता, प्रमोद जायसवाल, हरिप्रसाद चौबे, पवन मौर्य गुलरिहा, महेंद्र, घनश्याम, पवन, सुरेश, तेजू उर्फ अजय गुप्ता, राजेंद्र, हरिश्चंद्र, अच्छेलाल जायसवाल, कृष्णचंद्र पटवा, रामचंद्र, संजय उर्फ भेली, सुनील, प्रदीप कुमार वर्मा, रामफेर, राधेश्याम निषाद, गुलाब, रामेश्वर, रमेश जायसवाल, सावन सोनी, सतीश, अशोक, रघुनाथ, संतोष, बुद्धिराम, धर्मेन्द्र उर्फ कोठारी विश्वकर्मा, सूरज सहित आदि लोग उपस्थित रहे।

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