अखिलेश्वर तिवारी
बलरामपुर।। जनपद बलरामपुर के विद्यालयों में आपदा प्रबंधन से सम्बंधित निबंध व भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। परीक्षा में पूछे जाने वाले निबंध में आपदा प्रबंधन विषय को सम्मिलित किया जाएगा। बच्चों को अग्निकांड के सम्भावित कारकों के विषय में मॉक ड्रिल एक्सरसाइज कराई जाएगी। इस आशय के निर्देश अपर जिलाधिकारी ने सम्बंधित अधिकारियों को दिए हैं।
आपदा प्रबंधन सलाहकार सचिन मदान ने बताया कि आपदा के प्रभावों को कम करने के लिए आम जनमानस को प्रशिक्षण व जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक में प्रधानमंत्री द्वारा कई निर्देश दिए गए हैं। जिसके क्रम में सूबे के अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार ने सभी जिलाधिकारियों को अपने जनपदां में निर्देशों का अनुपालन कराने की बात कही है। अपर जिलाधिकारी अरूण कुमार शुक्ल ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। जिले के तीनों तहसीलों के उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक व अग्नि शमन अधिकारी को जारी निर्देश में कहा गया है कि अग्नि शमन दल विद्यालयों में जाकर अग्निकांड के सम्भावित कारकों के विषय में व्याख्यान एवं माकड्रिल एक्सरसाइज करेंगे। आपदा प्रबंधन विषय पर जनपदों में बच्चों के मध्य निबंध व भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएं। परीक्षा मे पूछे जाने वाले निबंध में आपदा प्रबंधन विषय को भी सम्मिलित किया जाए। स्कूल व अन्य आवश्यक सार्वजनिक भवनों के निर्माण के लिए ऐसी भूमि चिन्हित की जाय, जहां आपदाओं का खतरा कम हो। इसके अतिरिक्त भवन निर्माण व भवन सुरक्षा के सम्बंध में भी निर्देश जारी किए गए हैं। जिसमें कहा गया है कि समस्त सार्वजनिक भवनों एवं स्कूलों के लिए निर्धारित निर्माण स्थल उच्चतम बाढ़ स्तर (एचएफएल) से ऊपर होने चाहिए। प्रत्येक निर्माण स्थल का मृदा परीक्षण किया जाना चाहिए एवं रिपोर्ट के अनुसार प्राप्त सेफ वियरिंग कैपिसिटी के आधार पर भ्वन को डिजाइन किया जाना चाहिए। मृदा परीक्षण रिपोर्ट में उल्लिखित फाउण्डेशन लेवल के अनुसार ही निर्माण कार्य कराया जाना चाहिए। भूकम्परोधी निर्माण के लिए सम्बंधित आईएस कोड का अनुपालन किया जाना चाहिए एवं भूकम्प जोन के अनुसार भवन का डियाइन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। भवन का स्ट्रक्चर, डिजाइन स्ट्रक्चर इंजीनियर द्वारा कराया जाना चाहिए। इन कार्यों के लिए अतिरिक्त धनराशि का प्राविधान आंकलन में आवश्यकतानुसार किया जाना चाहिए।


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