अखिलेश्वर तिवारी
जनपद बलरामपुर जिला मुख्यालय के अंग्रेजी माध्यम विद्यालय पायनियर पब्लिक स्कूल एंड कॉलेज में शनिवार को आर्य समाज के संस्थापक महान चिंतक महर्षि स्वामी दयानंद सरस्वती का जन्म दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया ।
विद्यालय के प्रबंध निदेशक डॉक्टर एमपी तिवारी ने बच्चों के साथ स्वामी दयानंद सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया ।
साथ ही बच्चों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से स्वामी दयानंद सरस्वती के जीवन शैली को चित्रण करन का प्रयास किया ।
जानकारी के अनुसार 26 फरवरी को शहर के अग्रेंजी माध्यम विद्यालय पॉयनियर पब्लिक स्कूल एण्ड कॉलेज, में ‘‘महर्षि स्वामी दयानंद सरस्वती ‘‘ की जयन्ती मनायी गयी।
विद्यालय के प्रबन्ध निदेशक डा0 एम0पी0 तिवारी ने महर्षि स्वामी दयानंद सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर द्धीप प्रज्जवलित किया ।
उन्होंने बच्चों को बताया कि स्वामी दयानंद सरस्वती की जयंती 26 फरवरी को मनाई जाती है। इनके बचपन का
नाम मूलशंकर था। तनकारा नगर में इनका जन्म 12 फरवरी 1824 को हुआ था।
नाम मूलशंकर था। तनकारा नगर में इनका जन्म 12 फरवरी 1824 को हुआ था।
स्वामी दयानंद सरस्वती न केवल आर्य समाज के संस्थापक थे बल्कि वे देशभक्त होने के साथ-साथ महान चिंतक और समाज सुधारक भी थे।
स्वामी दयानंद सरस्वती जो कि आर्य समाज के संस्थापक के रूप में पूज्यनीय है। जिन्होने अपने कार्यों से समाज को नयी दिशा एवं उर्जा दी।
महात्मा गाँधी जैसे कई महा पुरूष स्वामी दयानन्द सरस्वती के विचारों से प्रभावित थे। वे जाति से एक ब्राहम्ण थे और इन्होने शब्द ब्राहम्ण को अपने कर्मो से परिभाषित किया।
स्वामी जी ने जीवन भर वेदों और उपनिषदों का पाठ किया और संसार के लोगो को उस ज्ञान से लाभान्वित किया।
वर्ष 1857 में स्वामी दयानन्द सरस्वती ने आर्य समाज की स्थापना की। 1857 की क्रांति में भी स्वामी जी ने अपना अमूल्य योगदान दिया। स्वामी जी ने वेदों की सत्ता को सदा सर्वापरि माना। ‘वेदो की ओर लौटोः यह उनका प्रमुख नारा था।
अंग्रेजी हुकूमत से जमकर लोहा लिया और उनके खिलाफ एक षडयंत्र के द्वारा 30 अक्टूबर 1883 को उनकी मृत्यु हो गयी।
‘‘महर्षि स्वामी दयानंद सरस्वती जी‘‘ के जन्मदिवस पर विद्यालय में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये गये जिसमें भाषण, कला एवं पोस्टर तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
भाषण प्रतियोगिता के अन्तर्गत अदिती श्रीवास्तव, अंशिका श्रीवास्तव, माशू श्रीवास्तव, गरिमा चौधरी, निखिल त्रिपाठी, प्रियश प्रसून, आदित्य गुत्ता, आकृति श्रीवास्तव, आर्या शुक्ला, अंशिका यादव, श्रृयांश मिश्रा, आयुश शुक्ला, साहवी महमूद, वर्णित श्रीवास्तव, रत्नप्रिया, अनन्या श्रीवास्तव, सांझ श्रीवास्तव, अनामिका चौधरी एवं वीरा जायसवाल नें अपने सुन्दर-सुन्दर विचार प्रस्तुत किये।
कला व पोस्टर के अन्तर्गत गरिमा चौधरी, दिशा श्रीवास्तव, अंशी सिंह, फैजा खान, सादमा आबदीन, फरहत फातिमा, देवांश गुप्ता, मरियम, आदित्य श्रीवास्तव, दिव्यांश तिवारी, आदित्य तिवारी, काव्या, आस्था मिश्रा, अनुष्का दूबे, श्लोक तिवारी, अनन्या पाण्डेय, देव शुक्ला तथा वैष्णवी मिश्रा आदि नें अपने-अपने कला का प्रदर्शन किया।
सांस्कृति कार्यक्रम के अन्तर्गत नन्हे-मुन्ने बच्चों के द्वारा महर्षि सरस्वती को नमन है बारम्बार नामक गीत पर एक बहुत ही मनमोहक दृश्य प्रस्तुत किया, जिसमें प्रांजल सिंह, गौरी शुक्ला, आराध्या पाण्डेय, नव्या मिश्रा, सिमर मिश्रा, नित्या मोदनवाल एवं सिद्धी गुप्ता ने भाग लिया।
इस वसर पर विद्यालय के उप प्रधानाचार्य संतोष श्रीवास्तव, शिखा पाण्डेय अध्यापकगण राघवेन्द्र त्रिपाठी (एक्टीविटी ) सहित अन्य शिक्षक शिक्षणेत्तर कर्मी तथा छात्र छात्राएं मौजूद थे ।





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