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जिलाधिकारी ने जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण पाइप पेयजल योजनाओं की समीक्षा की



वेदव्यास त्रिपाठी 

प्रतापगढ़। जिलाधिकारी डा0 नितिन बंसल ने कल देर सायंकाल कैम्प कार्यालय के सभागार में जल जीवन मिशन के अन्तर्गत ग्रामीण क्षेत्रों को पाइप पेयजल योजना से आच्छादित करने हेतु ग्रामीण पाइप पेयजल योजनाओं के निर्माण कार्यो एवं डी0पी0आर0 स्वीकृति के सम्बन्ध में समीक्षा की। बैठक में अधिशासी अभियन्ता जल निगम द्वारा बताया गया मेसर्स जेएमसी प्रोजेक्ट इण्डिया लि0 द्वारा फेज-2 के अन्तर्गत आवंटित 455 राजस्व ग्रामों के सापेक्ष 364 राजस्व ग्रामों हेतु निर्मित 202 नग डीपीआर जिला पेयजल एवं स्वच्छता मिशन द्वारा अनुमोदन प्रदान किया जा चुका है। 




इसी प्रकार फेज-3 के अन्तर्गत आवंटित 303 राजस्व ग्रामों के सापेक्ष 131 राजस्व ग्रामों हेतु निर्मित 60 नग डीपीआर जिला पेयजल एवं स्वच्छता मिशन द्वारा अनुमोदन प्रदान किया जा चुका है। इसी प्रकार फर्म मेसर्स पावर मेक प्रोजेक्ट लि0 द्वारा फेज-3 के अन्तर्गत आवंटित 1063 राजस्व ग्रामों के सापेक्ष 673 राजस्व ग्रामों हेतु निर्मित 307 नग डीपीआर जिला पेयजल एवं स्वच्छता मिशन द्वारा अनुमोदन प्रदान किया जा चुका है।

 


 बैठक में जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियन्ता जल निगम व जेएमसी एवं पावर मेक के प्रोजेक्ट मैनेजर को निर्देशित किया कि निर्माणाधीन पेयजल परियोजना से सम्बन्धित किसी विभाग की यदि कोई समस्या हो तो उसे आपसी समन्वय स्थापित करते हुये उसका निराकरण करायें, पेयजल से जुड़ी परियोजनाओं एवं कार्यो को किसी भी स्तर पर लम्बित न रखा जाये। 



जमीन सम्बन्धी विवादों का निराकरण जल्द से जल्द करायें। उन्होने जेएमसी एवं पावर मेक के प्रोजेक्ट मैनेजर को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि पेयजल परियोजनाओं के निर्माण एवं संचालन के कार्य को गुणवत्ता एवं मानक के अनुरूप कराया जाये। उन्होने जेएमसी के प्रोजेक्ट मैनेजर को निर्देशित किया कि जिन कार्यदायी फर्मो द्वारा अधूरे कार्य किये जा रहे है उनको चेतावनी निर्गत करें कि पेयजल परियोजनाओं के कार्यो को अधूरा न छोड़े यदि किसी भी फर्म के द्वारा लापरवाही बरती जाये तो सम्बन्धित के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जाये। 



जिलाधिकारी ने जेएमसी प्रोजेक्ट द्वारा किये जा रहे कार्यो की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त तथा निर्देशित किया परियोजनाओं के शीघ्र निर्माण हेतु और अधिक मजदूर लगाये जाये ताकि समय से परियोजना पूरी हो सके। उन्होने कहा कि सरकारी भवनों यथा प्राथमिक विद्यालय, आंगनबाड़ी केन्द्र, पंचायत भवन, हेल्थ एवं वेलनेस सेन्टर आदि को पेयजल परियोजना की पाइप से अनिवार्य रूप से सम्बद्ध किया जाये।

 



 बैठक में कुल 96 डीपीआर स्वीकृत करने हेतु प्रस्तुत किये गये जिसमें बताया गया कि मेसर्स जेएमसी-एलसीईएसपीएल द्वारा फेज-2 के अन्तर्गत आवंटित राजस्व ग्रामों के सापेक्ष 02 नग डीपीआर निर्मित किया गया है जिसमें 05 राजस्व ग्राम आच्छादित होते है। इसी प्रकार मेसर्स जेएमसी इण्डिया प्रा0लि0 द्वारा फेज-3 के अन्तर्गत आवंटित राजस्व ग्रामों के सापेक्ष 43 नग डीपीआर निर्मित किया गया है जिसमें 83 राजस्व ग्राम आच्छादित होते है। मेसर्स पावर मेक प्रोजेक्ट लि0 द्वारा फेज-3 के अन्तर्गत आवंटित राजस्व ग्राम के सापेक्ष 51 नग डीपीआर निर्मित किया गया है जिसमें 103 राजस्व ग्राम आच्छादित होते है। 



बैठक में प्रस्तुत कुल 96 डीपीआर के सापेक्ष 93 डीपीआर स्वीकृत किये गये एवं 03 डीपीआर पर पुर्नविचार हेतु प्रस्तुत किया गया। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ईशा प्रिया, अधिशासी अभियन्ता जल निगम लोकेश शर्मा, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी भूपेन्द्र सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी रविशंकर द्विवेदी सहित कार्यदायी संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर व अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे।

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