Type Here to Get Search Results !

Bottom Ad

श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन भगवान के प्राकट्य उत्सव की धूम



रजनीश / ज्ञान प्रकाश 

करनैलगंज(गोंडा)। विकास खण्ड करनैलगंज के ग्राम सभा फत्तेपुर में चल रहे श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन भगवान का प्राकट्य उत्सव धूमधाम के साथ मनाया गया। भगवान जन्म पर श्रद्धालु भाव विभोर होकर झूम उठे। कथा में कथा वाचक पण्डित जय प्रकाश शुक्ला शास्त्री ने भगवान के अवतार के अनेक कारण बताए। शास्त्री ने बताया भगवान के अवतार का कारण भक्त होता है। जब भक्त चाहता है तो भगवान को अवतार लेना पड़ता है और भगवान अधर्म का नाश करके धर्म की स्थापना करते हैं। जैसा कि मानस में लिखा है जब जब होई धरम की हानि बैठि हैं असुर अधम अभिमानी और कई कारण बताते हुए शास्त्री ने कहा भगवान के अवतार ब्राह्मण धेनु, सुर, देवता और संत की रक्षा के लिए प्रभु का अवतार हुआ। विप्र, धेनु, सुर, संत हित लीन मनुज अवतार पंक्ति यही उल्लिखित करती है। इस मौके पर भगवान के प्राकट्योत्सव कार्यक्रम बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। धार्मिक धुनों पर मंगल गीत, सोहर गाए गए और भगवान के जन्म दिवस  कि लोगों को बधाइयां देकर प्रसाद का वितरण किया गया। इस दौरान विजय प्रकाश श्रीवास्तव गुड्डू, देवेश श्रीवास्तव, विवेक श्रीवास्तव, कामिनी श्रीवास्तव, ज्ञान प्रकाश, धर्मप्रीत, राम लखन, अमित, शिव शंकर, विनोद कुमार श्रीवास्तव, सीमा श्रीवास्तव, भूमिका श्रीवास्तव, अर्चना, अंकित श्रीवास्तव सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।

Tags

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

Top Post Ad



 

Below Post Ad

Bottom Ad