Type Here to Get Search Results !

Bottom Ad

कर्म योगिनी रश्मि हजारिया स्मृति सम्मान समारोह संपन्न



नगर पंचायत अध्यक्ष सीमा सिंह सहित उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं का हुआ सम्मान

वेदव्यास त्रिपाठी 

प्रतापगढ़ :महान शिक्षाविद- समाज सेवी श्रीमती रश्मि हजारिया की पावन स्मृति में "कर्मयोगिनी रश्मि हजारिया स्मृति सम्मान समारोह" नगर के शशांक होटल में श्रद्धा पूर्वक मनाया गया। सर्वप्रथम रश्मि हजारिया के चित्र पर पुष्प अर्पण व माल्यार्पण करके श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया।



इस अवसर पर समाज में उल्लेखनीय कार्य करने वाली विशिष्ट महिलाओं को उनकी स्मृति में "लीजेंड ऑफ प्रतापगढ़" से नवाजा गया। उनमें प्रमुख है:- रितिका मौर्य, निरांजलि मौर्य, सीमा चावला, किरन देवी, शीला श्रीवास्तव, रेखा मौर्य, उषा यादव, प्रभावती पांडे, रीता आर्य, केतकी सिंह, मीला शुक्ला, सीमा सिंह,रेखा उमरवैश्य, बीना श्रीवास्तव, शोभा देवी, निशा देवी, बसंत लाल जोशी इत्यादि।



बीमा के क्षेत्र में शानदार उपलब्धि पाने वाले अभिकर्ता राघव सिंह, राजकुमार तिवारी, संतोष कुमार सिंह, ओमप्रकाश कोरी, रमेश मौर्य तथा नंदकिशोर प्रजापति को नगद पुरस्कार प्रदान किए गए।समारोह के आयोजक एवं भारतीय जीवन बीमा निगम यूनिट 31102 के विकास अधिकारी राजीव कुमार आर्य ने कहा कि कर्म योगिनी रश्मि हजारिया ने शिक्षा और समाज के विकास में अभूतपूर्व योगदान दिया। 



परिवार और राष्ट्र का विकास उनका प्रमुख लक्ष्य था। वे आज भी समाज के प्रेरणा की स्रोत हैं।मुख्यअतिथि के रूप में नगर पंचायत गड़वारा कि अध्यक्षा श्रीमती सीमा सिंह ने कहा कि रश्मि हजारिया का जीवन त्याग पूर्ण था। वे हर समय मेहनत करती थी उनकी शिक्षण में भी बहुत रूचि थी उनका जीवन अनुकरणीय है।



उद्घाटन अतिथि भारतीय जीवन बीमा निगम शाखा प्रतापगढ़ के मुख्य प्रबंधक (डीएम का कैडर) दीपक चावला ने कहा कि रश्मि हजारिया का एल0 आई0 सी0 के उत्थान सक्रिय योगदान था। उन्होंने राजीव कुमार आर्य को हमेशा उत्साहित किया। वह शक्ति स्वरूपा थी। उनके कार्यों का अनुसरण करना चाहिए।



समारोह की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ साहित्यकार एवं पूर्व बाल न्यायधीश डॉ0 दयाराम मौर्य ने कहा कि नारियाँ ईश्वर का विकल्प होती है। रश्मि हजारिया आदर्श माता थी। उन्होने अपने बच्चों को उच्च संस्कार दिए। उनके कार्य सदा अमर रहेंगे।



विशिष्ट अतिथि के रुप में बोलते हुए एलायंस क्लब इंटरनेशनल के अंतरराष्ट्रीय निदेशक एवं वरिष्ठ समाजसेवी रोशनलाल उमरवैश्य ने कहा कि एक शिक्षाविद के रुप में रश्मि हजारिया ने नई शिक्षण विधियों की खोज की। उनका कहना था कि बिना भेद के सबको शिक्षा मिलनी चाहिए।



कर्मयोगिनी रश्मि हजारिया को श्रद्धा सुमन अर्पित करने वालों में सचिन सिंह 'शोलू', सत्येंद्र सिंह, राकेश कुमार, बीना श्रीवास्तव, राम मनोहर, दिनेश कुमार, संतोष तिवारी, सालिकराम, विनय कुमार पांडे, श्रीनाथ मौर्य प्रमुख रहे।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

Top Post Ad



 




Below Post Ad

5/vgrid/खबरे