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BALRAMPUR...पायनियर पब्लिक स्कूल में मनाया गया लोहड़ी व मकर संक्रांति

अखिलेश्वर तिवारी 
जनपद बलरामपुर के अंग्रेजी माध्यम विद्यालय पायनियर पब्लिक स्कूल एण्ड कालेज में बुधवार को लोहड़ी एवं मकर संक्रान्ति का त्योहार धूमधाम से मनाया गया।
14 जनवरी को शहर के अग्रेंजी माध्यम विद्यालय पाॅयनियर पब्लिक स्कूल एण्ड काॅलेज में ‘‘लोहड़ी एवं मकर संक्रान्ति‘‘ का त्योहार मनाया गया। विद्यालय के प्रबन्ध निदेशक डा0 एमपी तिवारी व प्रधानाचार्य समरजीत सिंह नंदा नें विद्यालय के मैदान में आग प्रज्जवलित करके तिल, गुड़, रेवड़ी व मूंगफली का प्रसाद चढ़ाया । साथ ही उप प्रधानाचार्या उप प्रधानाचार्य शिखा पाण्डेय, राघवेन्द्र त्रिपाठी सहित समस्त अध्यापक अध्यापिकाओं नें प्रसाद चढ़ाया । प्रबन्ध निदेशक डा0 तिवारी नें बच्चों को बताया कि मकर संक्रान्ति भारत का प्रमुख पर्व है। मकर संक्रान्ति पूरे भारत और नेपाल में किसी न किसी रूप में मनाया जाता है। पौष मास में जब सूर्य मकर राशि पर आता है तभी इस पर्व को मनाया जाता है। मकर संक्रान्ति के अवसर पर गंगा स्नान एवं गंगा तट पर दान करने को अत्यन्त शुभदायक माना गया है। इस पर्व पर तीर्थराज प्रयाग एवं गंगासागर में स्नान को महास्नान की संज्ञा दी गयी है। इस दिन जप, तप, दान, स्नान, श्राद्ध, तर्पण जैसे धार्मिक क्रियाकलापों का विशेष महत्व है। इस दिन खिचड़ी का भोग लगाया जाता है। गुड-तिल, रेवड़ी, गजक का प्रसाद बाँटा जाता है। इस त्योहार का सम्बन्ध प्रकृति, ऋतु परिवर्तन और कृषि से है। ये तीनों चीजें ही जीवन का आधार है। प्रकृति के कारक के तौर पर इस पर्व में सूर्यदेव को पूजा जाता है, जिन्हे शास्त्रों में भौतिक एवं अभौतिक तत्वों की आत्मा कहा गया है। इन्हीं की स्थिति के अनुसार ऋतु परिवर्तन होता है और धरती अनाज उत्पन्न करती है, जिससे जीव समुदाय का भरण-पोषण होता है। यह एक अति महत्वपूर्व धार्मिक कृत्य एवं उत्सव है। प्रधानाचार्य समरजीत सिंह नंदा ने बच्चों को बताया कि लोहड़ी एक प्रमुख पंजाबी त्योहार है, जो हर साल मनाया जाता है। यह त्योहार खासतौर पर पंजाव, हरियाण और उत्तर भारत के हिस्सों में बहुत धूमधाम से मनाया जाता है। लोहड़ी के त्योहार पर लोग शाम को खुले स्थान पर आग जलाते है। इस अलाव को सर्दी के अंत और नई फसल के स्वागत का प्रतीक माना जाता है। इसमें लो तिल, गुड़, रेवड़ी, मूंगफली, पाॅपकार्न डालकर आग की परिक्रमा करते है और अच्छी फसल और सुख-समृद्धि के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते है। साथ ही लोग भांगड़ा और गिद्धा करते है, ढोल की थाप पर नाचते है और खुशी मनाते है, लोहड़ी से जुड़ी लोककथाएँ जैसै दुल्ला भट्टी की कहानी गाई और सुनाई जाती है। लोहड़ी खुशी, एकता और प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने का त्योहार है। लोहड़ी एवं मकर संक्रान्ति‘‘ त्योहार के अवसर पर विद्यालय में विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किये गये। जिसमें कला एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें कला प्रतियोगिता के अन्र्तगत मेधावी सिंह, मरियम आबदीन, सिफा, श्रेया श्रीवास्तव एवं शशांक सिंह ने अपनी-अपनी कला का प्रदर्शन किया। तत्पश्चात् सांस्कृतिक कार्यक्रम में अन्तर्गत ‘सुन्दर मुडेरिया हो‘ के नामक पंजाबी गीत पर छात्राओं में मेधावी, मरियम, श्रेया, यशवी, श्रृष्टि, आराध्या, सौम्या, तनय, मानविक एवं शशांक ने एक सुंदर एवं मनमोहक नृत्य प्रस्तुत करके सभी दर्शकों का मन मोह लिया। इसी क्रम में विद्यालय के प्रबन्ध निदेशक, प्रधानाचार्य, उप प्रधानाचार्या एवं प्रधानाचार्य तथा छात्र-छात्राओं नें पंतगबाजी भी की। इस अवसर पर विद्यालय के उप प्रधानाचार्या उप प्रधानाचार्य शिखा पाण्डेय, राघवेन्द्र त्रिपाठी अध्यापिकाओं में उर्वशी शुक्ला, किरन मिश्रा, सहित समस्त अध्यापक अध्यापिकाएं  तथा समस्त बच्चे उपस्थित होकर लोहड़ी एवं मकर संक्रान्ति का त्योहार धूमधाम से मनाया।

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