अखिलेश्वर तिवारी
जनपद बलरामपुर में विद्युत उपकेंद्र हरिहरगंज से रात भर में दो से ढाई घंटे विद्युत आपूर्ति की जा रही है । विद्युत अधिकारियों के गैर जिम्मेदाराना रवैया के कारण भीषण गर्मी में मनमाने तरीके से विद्युत कटौती कभी फाल्ट के नाम पर तो कभी रोस्टिंग के नाम पर की जा रही है । रात भर में बा मुश्किल ढाई से 2 से 2.5 घंटे विद्युत आपूर्ति की जा रही है, जिसके कारण दिन भर थके मांदे ग्रामीण रात मे भरपूर नींद भी नहीं ले पा रहे हैं । विद्युत विभाग के अधिकारी कर्मचारी अपने मनमानी रवैया से बाज नहीं आ रहे हैं । जेई तथा एसडीओ को फोन मिलाने पर फोन रिसीव नहीं हो रहे हैं, जिससे जाहिर हो रहा है इन लोगों को उपभोक्ताओं के परेशानी से कुछ लेना देना नहीं है । सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में कम से कम 18 घंटे विद्युत आपूर्ति का दावा कर रही है, जबकि हरिहरगंज अपकेंद्र से संचालित नारायणपुर फीडर पर 24 घंटे में मात्र 8 से 10 घंटे विद्युत आपूर्ति हो रही है । लगातार हो रही विद्युत कटौती से उपभोक्ताओं के सब्र का बांध टूटता जा रहा है । यदि ऐसे ही रहा तो तो उपभोक्ता मजबूरन उपकेंद्र तथा अधिकारियों के ऑफिसों पर धरना प्रदर्शन करने के लिए मजबूरहो जाएंगे ।
हरिहरगंज स्थित 33/11 केवी पावर हाउस की बिजली व्यवस्था अब सेवा कम और जनता के साथ खुला मज़ाक अधिक प्रतीत होने लगी है। पूरी रात बिजली कम कटती है, जनता की नींद और धैर्य ज़्यादा काटे जाते हैं। विद्युत कटौती के एक डाटा के अनुसार 20 मई की रात का हाल देख लीजिए 6:30 PM पर बिजली कटी, 8:30 PM पर आई,
और 8:38 PM पर फिर गायब। 10:40 PM पर आई, 11:10 PM पर फिर कट गई। 1:10 AM पर बिजली आई, 1:50 AM पर दोबारा गुल हो गई । 3:30 AM पर आपूर्ति बहाल हुई, और 5:20 AM पर फिर काट दी गई। उसके बाद सूचना आई कि “5:50 AM पर आएगी।” पूरी रात ग्रुपों में यही संदेश घूमते रहे, मानो बिजली विभाग आपूर्ति नहीं, बल्कि जनता के धैर्य का मज़ाक उड़ाने का कार्यक्रम चला रहा हो। दुखद यह है कि यह कोई अपवाद नहीं, बल्कि प्रतिदिन की स्थायी व्यवस्था बन चुकी है। सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि सरकार और विभाग साफ शब्दों में यह कहने का साहस क्यों नहीं दिखाते कि “हम रात में बिजली देने की स्थिति में नहीं हैं”? जनता इतनी भी नासमझ नहीं है। आप एक बार स्पष्ट घोषणा कर दीजिए कि “रात में बिजली न के बराबर रहेगी”, लोग अपने हिसाब से जीवन व्यवस्थित कर लेंगे। लेकिन नहीं, यहां तो हर आधे घंटे पर नई टाइमिंग देकर जनता को पूरी रात जागते रहने पर मजबूर किया जाता है। कुछ मिनट बिजली देकर घंटों कटौती करना और फिर सूचना प्रसारित करके एहसान जताना, यह व्यवस्था नहीं बल्कि प्रशासनिक विफलता की पराकाष्ठा है ।सच्चाई यह है कि विभाग अब बिजली कम और बहाने ज़्यादा दे रहा है। जनता को राहत नहीं, केवल आश्वासन दिया जा रहा है ।
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