सतेन्द्र खरे
कौशांबी : न्यायालय अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश ने सोमवार को मासूम के अपहरण व उसके बाद हत्या के आरोपी युवक को सात साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही 60 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया।
शासकीय अधिवक्ता तीरथ सिंह यादव के अनुसार महेवाघाट थाने के सरसवां गांव निवासी राधेश्याम का सात वर्षीय पुत्र सुधाकर उर्फ पुजारी दो मार्च 2011 को संदिग्ध दशा में घर से गायब हो गया था। खोजबीन के बाद उसका कोई सुराग नहीं लगा। उसी दिन शाम पाच बजे वादी के भतीजे भूपेंद्र के मोबाइल पर अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर बताया कि पुजारी उसके कब्जे में है। उसने मासूम को छोड़ने के लिए दो लाख की फिरौती मांगी। घटना की जानकारी राधेश्याम ने पुलिस को दी। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ अपहरण व फिरौती मांगने का मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस मामले की छानबीन कर रही थी। उसी दौरान गांव के ही दिनेश पुत्र रामनारायण का नाम प्रकाश में आया। पुलिस ने उसे जमुनापुर कछार से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान पहले तो युवक ने घटना की जानकारी से इन्कार किया। पुलिस की सख्ती के बाद वह टूट गया। युवक ने बताया कि उसने रुपये के लिए अपहरण किया था। और घर के अंदर कमरे की फर्श तोड़कर दफना दिया। इसके बाद उसके ऊपर बक्सा रख दिया। पुलिस ने दिनेश की निशादेही पर दो दिन बाद पुजारी के शव को बरामद कर युवक को जेल भेज दिया। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। मामले का s एडीजे तीन की अदालत में चला। शासकीय अधिवक्ता तीरथ सिंह यादव ने वादी समेत कुल आठ गवाहों को न्यायालय के सामने पेश किया। सोमवार को मामले की अंतिम सुनवाई हुई। बचाव पक्ष व अभियोजन के तर्को को सुनने व पत्रावली में उपलब्ध सक्ष्यों के अवलोकन के बाद न्यायालय ने अपना फैसला सुनाते हुए आरोपी का सजा सुना दी।


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