खुले में शौच से मुक्त कराने के लिए जिला प्रशासन कटिबद्व - सीडीओ
रिपोर्ट:- शिवेष शुक्ला
प्रतापगढ़। सभी गांवों में खुले में शौच से मुक्त कराने के लिए जिला प्रशासन कटिबद्ध है, जन सहयोग से ही स्वच्छता अभियान को सफलता मिलेगी। इसके लिए हम सबकी जिम्मेदारी बनती है कि इस महत्वपूर्ण अभियान में बढ़चढ़ कर भागेदारी करे।उक्त बातें मुख्य विकास अधिकारी राज कमल यादव ने सोमवार को विकास भवन स्थित पं दीन दयाल सभागार में पत्रकार वार्ता के दौरान कही। सीडीओ ने स्वच्छ भारत मिशन योजना अन्तर्गत आम जनमानस से सहयोग मांगा। कहा कि 31 दिसम्बर 2017 तक जिले के सभी गांवों में खुले में शौच से मुक्त कराने के लिए जिला प्रशासन कटिबद्ध है। इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए सबके सहयोग की आवश्यकता है। उन्होनें बताया कि जिले के कुल 2224 गांवों में अभी तक सिर्फ 155 गांव ही ओडीएफ हो सके है। शेष 2069 गांवों को ओडीएफ करना विभाग के लिए बड़ी चुनौती है। इसके लिए आम जनमानस में जागरूकता लाना एवं सहायोग की अपेक्षा है । सीडीओ ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन योजना का शुभारम्भ 2 अक्टूबर 2014 में हुई जिसमें बेस लाइन सर्वे के अनुसार साढे तीन लाख शौचालय का निर्माण होने थे, जिसमें 44109 परिवार लक्षित है किन्तु उसमें आई कई विसंगतियों के चलते जिसे रिजेक्ट कर पुनः सर्वे कराया गया है। जिसमें औसतन 10% कम या अधिक हो सकते है। उन्होने कहा कि प्रतापगढको स्वच्छ और सुन्दर बनाने का कार्य सभी के प्रयास से हो सकता है ।इसके लिए लोगो का प्रोत्साहन भी किया जायेगा। उन्होने कहा कि जिला स्वच्छता समिति का निर्णय रहा कि वह शौचालय बनवाने के लिए धन नही बल्कि प्रोत्साहन राशि मुहैया कराती है। उन्होने बताया कि प्रदेश में प्रतापगढ का 11वॉ स्थान है। इस मौके पर डीपीआरओ शशि कान्त पांडेय और पीडी अरविन्द सिंह ने भी जिले के अधिक से अधिक लोगो को स्वच्छता अभियान से जुड़ने के लिए की अपील करते हुए ओडीएफ के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
रिपोर्ट:- शिवेष शुक्ला
प्रतापगढ़। सभी गांवों में खुले में शौच से मुक्त कराने के लिए जिला प्रशासन कटिबद्ध है, जन सहयोग से ही स्वच्छता अभियान को सफलता मिलेगी। इसके लिए हम सबकी जिम्मेदारी बनती है कि इस महत्वपूर्ण अभियान में बढ़चढ़ कर भागेदारी करे।उक्त बातें मुख्य विकास अधिकारी राज कमल यादव ने सोमवार को विकास भवन स्थित पं दीन दयाल सभागार में पत्रकार वार्ता के दौरान कही। सीडीओ ने स्वच्छ भारत मिशन योजना अन्तर्गत आम जनमानस से सहयोग मांगा। कहा कि 31 दिसम्बर 2017 तक जिले के सभी गांवों में खुले में शौच से मुक्त कराने के लिए जिला प्रशासन कटिबद्ध है। इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए सबके सहयोग की आवश्यकता है। उन्होनें बताया कि जिले के कुल 2224 गांवों में अभी तक सिर्फ 155 गांव ही ओडीएफ हो सके है। शेष 2069 गांवों को ओडीएफ करना विभाग के लिए बड़ी चुनौती है। इसके लिए आम जनमानस में जागरूकता लाना एवं सहायोग की अपेक्षा है । सीडीओ ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन योजना का शुभारम्भ 2 अक्टूबर 2014 में हुई जिसमें बेस लाइन सर्वे के अनुसार साढे तीन लाख शौचालय का निर्माण होने थे, जिसमें 44109 परिवार लक्षित है किन्तु उसमें आई कई विसंगतियों के चलते जिसे रिजेक्ट कर पुनः सर्वे कराया गया है। जिसमें औसतन 10% कम या अधिक हो सकते है। उन्होने कहा कि प्रतापगढको स्वच्छ और सुन्दर बनाने का कार्य सभी के प्रयास से हो सकता है ।इसके लिए लोगो का प्रोत्साहन भी किया जायेगा। उन्होने कहा कि जिला स्वच्छता समिति का निर्णय रहा कि वह शौचालय बनवाने के लिए धन नही बल्कि प्रोत्साहन राशि मुहैया कराती है। उन्होने बताया कि प्रदेश में प्रतापगढ का 11वॉ स्थान है। इस मौके पर डीपीआरओ शशि कान्त पांडेय और पीडी अरविन्द सिंह ने भी जिले के अधिक से अधिक लोगो को स्वच्छता अभियान से जुड़ने के लिए की अपील करते हुए ओडीएफ के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

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