अखिलेश तिवारी
सरकारी अमले के साथ साथ कई संगठन भी आए सामने
बलरामपुर । जनपद में आई भीषण बाढ़ का कहर अब धीरे-धीरे कम होता जा रहा है । राप्ती नदी का जलस्तर लगातार घट रहा है । हालांकि अभी भी राप्ती नदी खतरे के निशान से कुछ ही नीचे आई है जो अभी भी चेतावनी बिंदु से काफी ऊपर है । तहसील तुलसीपुर व बलरामपुर क्षेत्र में बाढ़ का पानी काफी हद तक उतर चुका है । क्षेत्र से पानी हटते ही संक्रमित बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है । जिला प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य शिविर लगाकर दवाओं के वितरण की समुचित व्यवस्था करने का निर्देश जारी किया गया है । वही तमाम संगठन भी इस कार्य में भागीदारी निभा रहे हैं ।
जानकारी के अनुसार जनपद बलरामपुर में गत 13 अगस्त से भीषण बाढ़ का प्रकोप जारी रहा । राप्ती नदी का जलस्तर लगातार घटने के बाद कुछ क्षेत्रों से बाढ़ का पानी उतर चुका है । इसमें विशेषकर महाराजगंज तराई शिवपुरा ललिया बरदौलिया महराजगंज तराई क्षेत्र ऐसे हैं जहां से पानी काफी हद तक निकल गया है । ऐसे क्षेत्रों में सड़न की वजह से गंदगी फैली हुई है और संक्रमित बीमारियों के फैलने का खतरा काफी हद तक बढ़ गया है । खतरे से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने सभी स्वास्थ्य केंद्रों के अधीक्षकों को निर्देश जारी कर कहा है कि अपने क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर लगाकर परीक्षण करें और दवाओं का वितरण कराएं । सभी विकासखंडों के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति कर दी गई है । जिन्हें जिम्मेदारी दी गई है कि वह अपने क्षेत्र में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव व क्लोरीन दवाओं का वितरण सहित आवश्यक सुविधाएं बाढ़ पीड़ित क्षेत्र में प्राथमिकता से कराएं । जिलाधिकारी राकेश कुमार मिश्र ने बताया के नोडल अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में निर्देशित किया गया है कि राहत कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता क्षम्य नहीं होगी । जिले में दवाओं की कमी नहीं है इसलिए हर जरूरतमंद तक आवश्यक दवा पहुंचना चाहिए । स्कूलों के प्रधानाचार्य को भी निर्देश दिया गया है कि वह स्कूल खुलने के बाद सफाई करवायें और जलभराव वाले स्थानों पर ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव अवस्य कराएं । बच्चों को जलभराव वाले स्थानों पर लगे नलों का पानी ना पीने दे । पानी गर्म कर ही बच्चों को पीने की सलाह दें ।
केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने लगाया कैंप
केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन द्वारा राप्ती नदी के तुलसीपुर रोड स्थित सिसई घाट पर मेडिकल कैंप लगाया गया जिसमें निशुल्क परीक्षण के साथ-साथ निशुल्क दवाओं का वितरण भी किया गया ।
एसोसिएशन के सचिव अजय श्रीवास्तव ने बताया कि चिकित्सा शिविर के दौरान 537 मरीजों का परीक्षण किया गया और उन्हें निशुल्क दवा भी उपलब्ध कराई गई । जिन मरीजों का परीक्षण किया गया उनमें ज्यादातर बुखार जुखाम पैर दर्द व त्वचा रोग के मरीज शामिल थे । उन्होंने बताया की बाढ़ समाप्त होने के बाद बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में संक्रमण की संभावना बढ़ जाती है और संक्रमण जनित रोग फैलने लगते हैं । इसी कारण से इन क्षेत्रों में लोग ज्यादा बीमार होने लगते हैं । इससे पहले की बीमारी शुरू हो हम लोगों का प्रयास है कि बाढ़ प्रभावित अधिक से अधिक क्षेत्रों में पहुंचकर मेडिकल कैंप लगाएं और इसका लाभ वहां के लोगों को मिल सके । उन्होंने बताया कि अगला मेडिकल कैंप राप्ती नदी कोडरी घाट पर लगाया जाएगा । मेडिकल कैंप में डॉक्टर ए के पांडे द्वारा परीक्षण किया गया । यह कैंप एसोसिएशन के अध्यक्ष रघुनाथ अग्रवाल की देखरेख में संपन्न हुआ । मेडिकल कैंप में मुनीर मेंकरानी शमसुल हुदा शाहनवाज सुनील श्रीवास्तव राजू गुप्ता सुजीत डॉक्टर आनंद श्रीवास्तव व बालेंद्र सिंह सहित एसोसिएशन के तमाम पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद थे ।


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