मासूम की किलकारियों से सूना हुआ शबनम का आँगन
आंखों के तारे की आस में चौखट पर बैठे बैठे पत्थरा गई माँ की आंखे
डीएम से लेकर सीएम तक मिल चुके परिजन,पर नही लग रहा सुराग।
अमरजीत सिंह
फैजाबाद:मेरे राजा,मेरे लाल तुझको ढूंधू मैं कहा।रोये ममता तड़पे माँ, तुझको ढूंधू मै कहा मेरे राजा ,मेरे लाल तुझको ढूंधू मैं कहा।आशा भोसले जी की आवाज में गाया गया राजा और रंक फ़िल्म का ये गाना पटरंगा थाने के रजा खां का पुरवा मजरे सरैठा गांव में मो0 सगीर के घर पहुचने पर बरबस याद आ ही जाता है।जहाँ लगभग दो माह से लापता मासूम मोहम्मद की याद में माँ शबनम का बुरा हाल है।अब उसे आँगन में अपने 11 माह के बच्चे की किलकारिया नही सुनाई देती।कलेजे के टुकड़े बगैर घर आँगन धन दौलत सब बेकार है।जैसे ही उसे बच्चे की याद आती है माँ की ममता अपने आप छलक उठती है और करुणा क्रंदन से पूरा मोहल्ला शन्न रह जाता है।दिल द्रवित हो जाता है हर कोई माँ का हाल बेहाल देख ईस्वर से दुआ कर रहा है कि जल्द से उसका बेटा माँ के आंचल में हो।आज भी दरवाजे की चौखट पर बैठ माँ अपने अबोध और तोतले बच्चे के आने की राह देख रही है ।
बताते चले कि बीते 11 मई की रात गांव के निवासी राम सुफल यादव की बेटी की बारात आयी थी।वैवाहिक समारोह को देखने के लिये घर के पास दरवाजे पर अपने छोटे भाई मोहम्मद लगभग 11 माह को लिये खड़ी शिबरा के पास एक अपरचित व्यक्ति आया और दस रुपये का नोट देते हुए कहा कि बेटा दुकान से मेरे लिए कमला पसन्द ला दो।शिबरा छोटे भाई मोहम्मद को चारपाई पर लिटा कर लेने चली गई।लौट कर जब वापस आयी तो खाट पर न उसका भाई और न ही वो अपरचित व्यक्ति।इधर उधर काफी तलाश करने के बाद शिबरा ने परिजनों को रो रो सारा हाल बताया।मासूम के गायब होने की सूचना पर परिजन सहित पड़ोसी भी बच्चे की खोजबीन करने लगे लेकिन कही पता न चल सका।सूचना पर पहुँची पुलिस ने भी काफ़ी खोजबीन की लेकिन आज तक कही भी मासूम का पता लगाने में असमर्थ ही रही।दो माह से गायब बच्चे को माँ शबनम भूल नही पा रही है और आंखों के तारे लाडले की एक झलक पाने के लिये दिन रात तड़प रही।अब तो रोते रोते शबनम की आंखे भी पत्थरा गई।जिसमें से पानी नही निकलता बस एक ही ख्वाब हमेशा की मेरे बेटे को कोई मुझे मिला दे मैं उसका कर्ज जीवन भर नही भूलूंगी ।
बाप बेटे ने नही देखी थी एक दूसरे की शक्ल
दुर्भाग्य ही है कि बेटे के जन्म से पहले पिता मो0 सगीर पैसा कमाने विदेश बहरीन चला गया।लोग बताते है कि बेटे के जन्म से पिता सगीर बहुत खुश रहता था।जन्म की सूचना विदेश में रह रहे सगीर को मिली घर पर उसने कहा कि पूरे गांव में मिठाई बटना चाहिये।लेकिन उससे क्या पता था कि वतन वापसी पर अपने बच्चे को गले भी नही लगा पायेगा।पिता सगीर भी उसके साथ हुई घटना से बहुत हैरान व परेशान है।
एक लाख का परिजनों ने कर रखा है इनाम घोषित
अपने घर के चिराग को पाने के लिए परिजन अभी भी दिन रात एक किये हुए है।गायब होने के बाद परिजनों ने शोसल मीडिया पर मासूम की सुराग या उसके बारे में जानकारी देने वाले शख्स को एक लाख का इनाम देने की भी घोषणा की है।
पुलिस महानिरीक्षक से लेकर मुख्यमंत्री तक लगा चुके गुहार
मासूम बच्चे की बरामदगी के लिये चाचा मो0 शरीफ पुत्र मो शकील ने लगभग दो माह पूर्व गायब हुए भतीजे मोहम्मद का सुराग अभी तक न लगने से पुलिस महानिरीक्षक उतर प्रदेश व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गुहार लगाई है।मो0 सरीफ ने बताया कि मुख्यमंत्री दरबार मे भी फरियाद लेकर पहुचे लेकिन अभी तक मेरे भतीजे का अता पता नही चला।इसके अलावा मो0 शरीफ के रजिस्टर्ड डाक से भेजे गए पत्र में कहा गया है दो माह से ऊपर हो गए है।लेकिन मेरे भतीजे का कही सुराग नही लग पाया।जिससे बच्चे की माँ सदमे के कारण अपना मानसिक संतुलन खो बैठी है।बार बार आत्महत्या करने का प्रयास कर रही है।घर मे कभी भी अनहोनी की घटना घट सकती है।परिजनों ने पटरंगा पुलिस पर भी मामले को ठंडे बस्ते में डालने का आरोप लगाया है।
इस बावत थानाध्यक्ष पटरंगा शमशेर सिंह ने बताया कि बालक का सुराग लगाने के लिये दो टीम लगाई गई है।लेकिन अभी तक कोई खास सुराग नही लग पाया है।प्रयास जारी है


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