सुनील गिरी
उत्तर प्रदेश के जनपद हापुड के सरकारी अस्पताल में मौजूद डाक्टरों की लापरवाही का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है के बीती देर रात गर्भवती महीला को 108 एम्बुलेंस में ही बच्चे को जन्म दे दिया। महिला का कसूर इतना था उसे प्रसव पीड़ा देर रात को हुई । डाक्टरों की नींद में खलल न हो इस लिए डाक्टरों ने महिला को बिना देखे ही मेरठ रेफर कर दिया जिसके बाद महिला ने एम्बुलेंस में ही बच्चे को जन्म दिया जन्म के बाद मासूम की हालात नाजुक है और वो एक निजी अस्पताल ने भर्ती है वहीं सीएमओ जाँच के बाद कार्यवाही की बात कर रहे है ।
आप को बता दें के देर रात एक महिला अपने पति के साथ डिलवरी के लिए हापुड के महीला अस्प्ताल पहुंची वहां मौजूद स्टाफ ने महिला को हापुड के सीएचसी अस्प्ताल में भेज दिया गरीब महिला दर्द से कार्रहती हुई एम्बुलेंस से हापुड के सीएचसी पहुंची वहां भी माजूद कर्मचारियों ने महिला को बिना देखे ही ट्रकां कर मेरठ के लिए रेफर कर दिया । बताया जा रहा है अस्प्ताल में डॉक्टर मौजूद थे और वो ऐसी की ठंडी हवा में चेन की नींद सो रहे थे नींद में खलल न पड़े इस लिए मरीज को मेरठ रेफर किया गया । एम्बुलेब्स चालक के अनुसार महिला ने अस्प्ताल से निकलते ही 10 मिनट बाद एम्बुलेब्स में मासूम को जन्म दे दिया । मासूम की गम्भीर हालात को देखते हुए एक निजी अस्पताल में भर्ती किया गया है जबकि महिला सीएचसी में भर्ती है ।
जब पूरे मामले में वार्ड इंचार्ज से पूछा गया तो वो कैमरे से बचती नजर आई।
वही जब क्राइम जंक्शन की टीम ने सीएमओ से जानकारी की तो मीडिया को जानकारी देते हुए पूरे मामले में जांच के लिए एक टीम का गठन कर जांच की बात कही है और जाँच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर कार्रवाही की बात भी कही है अब देखने वाली बात ये होगी कि अपने विभाग के खिलाफ किस तरह की जांच होगी और क्या कार्यवाही चीफ मेडिकल ऑफिसर द्वारा की जाए गी कहि ये जाँच भी ओर जांचों की तरह ठंडे बस्ते में तो नही पहुचा दी जायेगी ।


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