खुर्शीद खान
सुलतानपुर। युवती से दुष्कर्म के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय ने आरोपी युवक को दोष सिद्ध ठहराया है। एफटीसी न्यायाधीश अभयकृष्ण तिवारी ने दोषी युवक को 10 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 50 हजार रूपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। अदालत ने जुर्माने की रकम में से 40 हजार रूपए पीड़िता को देने का आदेश पारित किया है।
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मामला कादीपुर कोतवाली क्षेत्र के खोजापुर से जुड़ा है,जहां के रहने वाले आरोपी शाहिद सुत शरीफ के खिलाफ अभियोगी ने दो जून 2012 को हुई घटना का जिक्र करते हुए मुकदमा दर्ज कराया। आरोप है कि घटना के दिन उसकी पुत्री सुबह करीब आठ बजे चरी काटने के लिए गयी थी। इसी दौरान पहले से ही घात लगाए बैठे आरोपी शाहिद ने उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। मिली जानकारी के मुताबिक इस घटना के सम्बंध में जब पीड़िता के परिजन मुकदमा दर्ज कराने कोतवाली गए तो आरोपी पक्ष ने पुलिस को मिलाकर पीड़िता पर रुपये लेकर सुलह के लिए दबाव बनाया। फिलहाल पीड़िता के पिता ने सुलह से इनकार कर दिया। काफी जद्दोजहद के बाद युवक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज हुआ और मामले की विवेचना पूरी करने के बाद जांच अधिकारी ने आरोप पत्र भी दाखिल किया। इसी मामले की विचारण एफटीसी द्वितीय की अदालत में चल रहा था। जिस पर सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष के शासकीय अधिवक्ता पवन कुमार दूबे ने छह गवाहो को पेश किया। वहीं बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने भी अपने साक्ष्यों एवं तर्कों को पेश किया। उभय पक्षों को सुनने के पश्चात एफटीसी न्यायाधीश अभयकृष्ण तिवारी ने आरोपी शाहिद को दुष्कर्म के आरोप में दोषी मानते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 50 हजार रूपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। अदालत ने जुर्माने की रकम में से 40 हजार रूपए पीड़िता को दिए जाने का आदेश दिया है। जुर्माना न अदा करने पर अदालत ने छह माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतने का आदेश पारित किया।मालूम हो कि घटना के बाद से ही आरोपी शाहिद जेल में निरूद्ध है।जिसे अभी तक तक जमानत नही सकी है।


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