रिपोर्ट:- अशफ़क अहमद(लखनऊ)
लखनऊ। सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने गोमती रिवर फ्रंट परियोजना में घपले के आरोपी मुख्य अभियंता समेत तीन अभियंताओं को सस्पेंड कर दिया है। इनमें तत्कालीन मुख्य अभियंता शारदा सहायक काजिम अली, तत्कालीन अधीक्षण अभियंता शारदा सहायक कमलेश्वर सिंह और तत्कालीन अधिशासी अभियंता शारदा सहायक एसके यादव शामिल हैं।
परियोजना की न्यायिक जांच में गंभीर अनियमितताएं मिलने पर यह पहली बड़ी कार्रवाई की गई है। सिंचाई मंत्री ने अन्य परियोजनाओं में भी घपले के आरोपियों पर जल्द ही कार्रवाई के संकेत दिए हैं।
पिछली सपा सरकार के कार्यकाल में गोमती रिवर फ्रंट परियोजना में करोड़ों रुपये का घपला हुआ था। योगी सरकार ने इसकी न्यायिक जांच कराई थी, जिसमें मार्च 2015 से मार्च 2017 तक इस परियोजना से जुड़े रहे अभियंताओं को मुख्य रूप से जिम्मेदार ठहराया गया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरे मामले की सीबीआई जांच के आदेश भी दे दिए हैं। सिंचाई विभाग भी अपने स्तर से जांच करा रहा है।
लखनऊ। सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने गोमती रिवर फ्रंट परियोजना में घपले के आरोपी मुख्य अभियंता समेत तीन अभियंताओं को सस्पेंड कर दिया है। इनमें तत्कालीन मुख्य अभियंता शारदा सहायक काजिम अली, तत्कालीन अधीक्षण अभियंता शारदा सहायक कमलेश्वर सिंह और तत्कालीन अधिशासी अभियंता शारदा सहायक एसके यादव शामिल हैं।
परियोजना की न्यायिक जांच में गंभीर अनियमितताएं मिलने पर यह पहली बड़ी कार्रवाई की गई है। सिंचाई मंत्री ने अन्य परियोजनाओं में भी घपले के आरोपियों पर जल्द ही कार्रवाई के संकेत दिए हैं।
पिछली सपा सरकार के कार्यकाल में गोमती रिवर फ्रंट परियोजना में करोड़ों रुपये का घपला हुआ था। योगी सरकार ने इसकी न्यायिक जांच कराई थी, जिसमें मार्च 2015 से मार्च 2017 तक इस परियोजना से जुड़े रहे अभियंताओं को मुख्य रूप से जिम्मेदार ठहराया गया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरे मामले की सीबीआई जांच के आदेश भी दे दिए हैं। सिंचाई विभाग भी अपने स्तर से जांच करा रहा है।

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