Type Here to Get Search Results !

Action Movies

Bottom Ad

BALRAMPUR...एसएसबी विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए सीमावर्ती ग्रामीणों को किया जागरूक


अखिलेश्वर तिवारी 
जनपद बलरामपुर के इंडो नेपाल सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल नवीं वाहिनी ने वर्ष 2025-26 के अंतर्गत नागरिक एवं जन कल्याण कार्यक्रमों के तहत सीमावर्ती वाइब्रेंट गांव में स्थानीय नागरिकों के समग्र विकास हेतु विभिन्न कौशल विकास एवं  जन जागरूकता कार्यक्रमों का सफलतापूर्वक आयोजन किया । कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य स्थानीय युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना, महिलाओं को सशक्त करना तथा ग्रामीणों में सामाजिक एवं पर्यावरणीय जागरूकता को बढ़ावा देना रहा है।
बल में भर्ती पूर्व प्रशिक्षण (Pre-Recruitment Training)

नौवीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल बलरामपुर द्वारा आयोजित  बल में भर्ती पूर्व प्रशिक्षण कार्यक्रम सीमावर्ती क्षेत्रों के युवाओं के लिए एक सशक्त मंच साबित हुआ।इस प्रशिक्षण में युवाओं को शारीरिक दक्षता के विभिन्न पहलुओं जैसे दौड़, लंबी कूद, ऊँची कूद एवं सहनशक्ति अभ्यासों के साथ-साथ लिखित परीक्षा की तैयारी भी कराई गई। उन्हें बल में भर्ती प्रक्रिया, मेडिकल मानकों एवं चयन की पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी गई।प्रशिक्षण के दौरान अनुशासन, टीम वर्क, समय प्रबंधन एवं मानसिक मजबूती पर विशेष बल दिया गया।इस पहल से युवाओं में आत्मविश्वास का संचार हुआ है तथा वे देश सेवा के प्रति प्रेरित होकर अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर हो रहे हैं।
 सामान्य इलेक्ट्रीशियन प्रशिक्षण

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत स्थानीय युवाओं को विद्युत कार्यों का व्यापक ज्ञान प्रदान किया गया।प्रशिक्षण में घरेलू वायरिंग, विद्युत उपकरणों की मरम्मत, फॉल्ट डिटेक्शन, सुरक्षा उपाय एवं ऊर्जा के सुरक्षित उपयोग के बारे में विस्तार से सिखाया गया।प्रशिक्षणार्थियों को प्रैक्टिकल कार्य के माध्यम से दक्ष बनाया गया, जिससे वे अपने गांव एवं आसपास के क्षेत्रों में तकनीकी सेवाएं प्रदान कर सकें। यह कार्यक्रम युवाओं को स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ाने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीकी आत्मनिर्भरता को भी मजबूत कर रहा है।
कढ़ाई-बुनाई एवं सिलाई प्रशिक्षण

महिलाओं एवं युवतियों के लिए आयोजित कढ़ाई-बुनाई प्रशिक्षण कार्यक्रम ने पारंपरिक कला को आधुनिक दृष्टिकोण के साथ जोड़ने का कार्य किया।इस प्रशिक्षण में डिजाइनिंग, रंग संयोजन, विभिन्न प्रकार की कढ़ाई तकनीकें तथा उत्पाद निर्माण की प्रक्रिया सिखाई गई।महिलाओं को उनके हुनर को बाजार से जोड़ने एवं उत्पादों की बिक्री के लिए भी प्रेरित किया गया।
इससे न केवल उनकी कला को पहचान मिल रही है, बल्कि वे आर्थिक रूप से भी सशक्त हो रही हैं। सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुआ है।
इसमें प्रतिभागियों को कपड़े सिलने, माप लेने, डिजाइन तैयार करने एवं सिलाई मशीन के संचालन की विस्तृत जानकारी दी गई।उन्हें छोटे स्तर पर व्यवसाय स्थापित करने एवं ग्राहक प्रबंधन के बारे में भी मार्गदर्शन प्रदान किया गया।इस प्रशिक्षण से महिलाएं घर बैठे अपने आर्थिक स्थिति को मजबूत बना सकती हैं।
मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण

 वाहिनी के प्रशिक्षण प्राप्त बलकर्मियों द्वारा स्थानीय ग्रामीणों को मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण के  वारे में  जागरूक  किया गया।इस प्रशिक्षण में शहद उत्पादन, मधुमक्खियों की देखभाल, बॉक्स प्रबंधन, रोग नियंत्रण एवं विपणन के बारे में जानकारी दी गई।यह व्यवसाय कम लागत में अधिक लाभ प्रदान करता है तथा पर्यावरण संरक्षण एवं कृषि उत्पादकता में भी सहायक है।
स्वच्छ भारत अभियान (जागरूकता कार्यक्रम)

जन कल्याण कार्यक्रमों के अंतर्गत  सीमावर्ती स्थानीय ग्रामीणों  एवं स्कूली छात्रों को स्वच्छता के महत्व के बारे में जागरूक किया गया।उन्हें कचरा प्रबंधन, साफ-सफाई, शौचालय के उपयोग एवं स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के उपायों के बारे में बताया गया।इस अभियान के माध्यम से छात्रों एवं ग्रामीणों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ी है तथा वे स्वयं आगे बढ़कर अपने गांव को स्वच्छ रखने में योगदान दे रहे हैं।

नशा मुक्त भारत अभियान

इस अभियान के अंतर्गत युवाओं एवं ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से बताया गया।नशा किस प्रकार व्यक्ति, परिवार एवं समाज को प्रभावित करता है, इस पर विशेष प्रकाश डाला गया। उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने एवं नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया गया।इस पहल से समाज में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है।

पुराने कपड़ों का वितरण

जन कल्याण कार्यक्रमों के तहत  वाहिनी कार्यक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सीमावर्ती गाँव के जरूरतमंद ग्रामीणों के बीच पुराने कपड़ों का वितरण किया गया।इस कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के कमजोर वर्ग को सहायता प्रदान करना एवं उनमें आत्मीयता की भावना विकसित करना है।इससे जरूरतमंद लोगों को राहत मिली और सामाजिक समरसता को बढ़ावा मिला।

 प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन एवं जागरूकता कार्यक्रम
 
ग्रामीणों को प्लास्टिक के दुष्प्रभावों एवं उसके उचित निवारण के बारे में जागरूक किया गया।उन्हें प्लास्टिक के उपयोग को कम करने, पुनः उपयोग एवं सुरक्षित निस्तारण के तरीकों के बारे में बताया गया। इस अभियान के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ी है और स्वच्छ वातावरण की दिशा में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। नौवीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल द्वारा वर्ष 2025-26 में आयोजित इन नागरिक एवं जन कल्याण कार्यक्रमों ने सीमावर्ती क्षेत्रों में विकास, आत्मनिर्भरता एवं जागरूकता की नई दिशा प्रदान की है। इन प्रयासों से न केवल स्थानीय युवाओं और महिलाओं को सशक्त बनाया गया है, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाकर राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान भी सुनिश्चित किया गया है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

Below Post Ad

Comedy Movies

5/vgrid/खबरे