अखिलेश्वर तिवारी
जनपद बलरामपुर में शनिवार को हर्षोल्लास के साथ ईद उल फितर का त्यौहार मनाया जाएगा । रोजेदार अपने रोजे को पूर्ण करके आज ईद का त्यौहार मनाएंगे । ईद का त्यौहार भाईचारा, मोहब्बत एवं अमन चैन का त्यौहार है । आज के दिन सभी लोग अपने पुराने गिले शिकवे भूलकर एक दूसरे से गले मिलकर बधाइयां देते हैं ।
वरिष्ठ चर्म रोग विशेषज्ञ एवं समाज सेवी डॉ अख्तर रसूल खान ने 20 मार्च को बताया कि आज 21 मार्च 2026 को ईद का त्यौहार धूम धाम से मनाया जाएगा । उन्होंने बताया कि भारत में ईद की रौनक आज होगी । ईद-उल-फितर (मीठी ईद) रमज़ान के पवित्र महीने के समापन और शव्वाल का चाँद दिखने पर मनाई जाने वाली खुशी का त्योहार है। यह आपसी भाईचारे, दान (ज़कात-उल-फितर), सुबह की नमाज़, सेवइयों के आनंद और नए कपड़े पहनकर गले मिलने का दिन है। यह त्योहार इबादत और भाईचारे का संदेश देता है। यह 30 दिनों के रोजे (उपवास) के बाद अल्लाह का शुक्रिया अदा करने और भाईचारे का जश्न मनाने का दिन है।
चाँद का महत्व: ईद की तारीख हिजरी कैलेंडर के शव्वाल महीने के नए चाँद (हिलाल) के दीदार पर निर्भर करती है।
नमाज़ और जश्न: सुबह मस्जिदों या ईदगाह में विशेष ईद की नमाज़ अदा की जाती है, जिसके बाद लोग एक-दूसरे को गले लगाकर 'ईद मुबारक' कहते हैं। घरों में तरह-तरह के व्यंजन बनते हैं, जिसमें सेवइयां, शीर खुरमा और बिरयानी मुख्य हैं। बड़ों द्वारा बच्चों को 'ईदी' (नकद उपहार) दी जाती है। नमाज़ से पहले गरीबों को 'फितरा' या 'ज़कात' (दान) देने की परंपरा है। उन्होंने सभी को ईद उल फितर की बेशुमार दिली मुबारकबाद दी है।
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