शिवेश शुक्ला
प्रतापगढ़ । शिक्षक दिवस पर राष्ट्रपति पुरस्कार के लिए ग्राम विकास इंटर कालेज देल्हूपुर के शिक्षक डॉ.राधेश्याम मौर्य का चयन किया गया है। डॉ. मौर्य ने पर्यावरण एवं रसायन पर एक दर्जन से अधिक पुस्तक लिखी है।
डा.मौर्य की प्रारंभिक शिक्षा सराय सुजान गांव के प्राइमरी स्कूल से हुई है। पीबी डिग्री कालेज से स्नातक की शिक्षा ग्रहण करने के बाद उन्होंने केएनआइ सुलतानपुर से रसायन में एमएससी एवं पीएचडी किया। इसके साथ ही उन्होंने हिंदी, अर्थशास्त्र व शिक्षाशास्त्र से परास्नातक की डिग्री हासिल की है। मूलरूप से मानधाता क्षेत्र के सराय सुजान गांव निवासी डॉ.मौर्य के पिता झुरई राम मौर्य जूनियर हाईस्कूल मांधाता के हेडमास्टर थे। डॉ.राधेश्याम का बेटा अंकुर एमटेक करने के बाद पीएचडी कर रहा है तथा बेटी रुचि ने गणित से एमएससी किया है। पत्नी शकुंतला मौर्य गृहणी हैं। डा.राधेश्याम का नाम राष्ट्रपति पुरस्कार के लिए चयनित होने पर माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष अनिल कुमार सिह, राज्य कार्यकारिणी सदस्य रामचंद्र सिह, आलोक कुमार शुक्ल, राजेश पांडेय, महादेव प्रसाद मिश्र, राजेश त्रिपाठी, पूर्व अध्यक्ष सुरेश नारायण त्रिपाठी, बृजेंद्र मिश्र, विशिष्टबीटीसी शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष डॉ.विनोद त्रिपाठी आदि ने खुशी का इजहार किया है।
विश्वविद्यालय एवं माध्यमिक विद्यालयों में चल रहीं पुस्तकें
शिक्षक डॉ.राधेश्याम मौर्य ने चार विषयों से परास्नातक किया है। इसके साथ ही उन्होंने रसायन विज्ञान व पर्यावरण विषय पर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर शोध किया है। डॉ. मौर्य की पुस्तकें विश्वविद्यालय एवं माध्यमिक विद्यालयों के पाठ्यक्रम में शामिल हैं। उन्होंने दर्जन भर पुस्तकें रसायन व पर्यावरण की लिखी हैं। इन सभी का प्रकाशन हो चुका है। वर्ष 2011 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिह ने उन्हें पर्यावरण रहस्य पुस्तक के लिए पुरस्कृत किया था। डा. मौर्य द्वारा लिखित रासायनिक गणनाएं, आधुनिक रसायान एवं प्रायोगिक रसायन पूरे प्रदेश के माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा 11,12 में तथा जैव अध्ययन एवं पर्यावरण रहस्य काशी विद्यापीठ के पाठ्यक्रम में चल रही हैं। इसके अलावा राज्य विश्वविद्यालय इलाहाबाद में पर्यावरण अध्ययन की पुस्तक पाठ्यक्रम में शामिल है।


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