राकेश गिरी
बस्ती :जिले में भारतीय जनता पार्टी के नेताओं की बेरुखी के चलते पंडित दीनदयाल उपाध्याय जन्म शताब्दी के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय अंत्योदय मेला एवं प्रदर्शनी के कार्यक्रम का सही में सरकारीकरण हो गया इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि जिले के सांसद हरीश द्विवेदी थे उनके अलावा विशिष्ट अतिथि के रुप में जिले के पांचों विधायक के नाम शामिल थे और अध्यक्षता मंडलायुक्त को करनी थी। लेकिन हैरत की बात यह है कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर होने वाले इस कार्यक्रम में कोई भी जनप्रतिनिधि नहीं पहुंचा। बावजूद इसके कार्यक्रम की नाक बचाने के लिए जिलाधिकारी अरविंद कुमार सिंह जरुर पहुंचे लेकिन वह भी 10 मिनट रुक कर चलते बने। औपचारिक रूप में पार्टी के क्षेत्रीय मंत्री अजय सिंह गौतम जिलाध्यक्ष पवन कसौधन भी अपनी मौजूदगी बस थोड़ी ही देर के लिए दे सके क्योंकि उन्हें भी आभास हो चुका था कि पिछले दिनों प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच जो कुछ भी हुआ है वह कहीं न कहीं बढ़ती दूरियों को प्रदर्शित कर रहा है। आपको बता दें पिछले 19 सितंबर को पुलिस प्रशासन के द्वेषपूर्ण रवैये को लेकर जिले के सांसद हरीश द्विवेदी और दो विधायक संजय जायसवाल और रवि सोनकर सहित जिलाध्यक्ष पवन कसौधन कोतवाली में अभियुक्त प्रमोद पांडेय के खिलाफ पुलिसिया दुर्व्यवहार को लेकर धरने पर बैठ गए थे और मंडलायुक्त कार्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में इन नेताओं की नामौजूदगी इसी का परिचायक है बरहाल नेताओं और अफसरों के बीच भले ही मनमुटाव रहा हो लेकिन कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों की अनुपस्थिति कार्यकर्ताओं के लिए खास निराशा भरा रहा।


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