अमरजीत सिंह
फैजाबाद :अजादार गुरूवार को चांद देखते ही गमगीन हो गये ताजियादारो ने अपने घरो में आजाखने सजा दिये शुक्रवार से मजलिसो का दौर शुरू हो गया देर शाम पहली मोहर्रम पर विभिन्न स्थानो से ताजिया का जुलूस एक जगह से दूसरी जगहो पर पहुचना शुरू हो गया शिया समुदाय ने अपने घरो में काले झंण्डे लगा लिए और खुद काले वस्त्र धारण कर लिये है। इमामबाड़ो रौजो दरगाहो व कर्बालाओ में तैय्यारिया पूरी हो गई है। मोहर्रम इस्लामी माह का पहला महीना होता है ।शुक्रवार से हजरत इमाम हुसैन सहित 72शहीदो की याद में गम मनाने के लिए फर्श ए- अजा बिछ गया पूरा महौल पैगंबर-ए इस्लाम हजरत मोहम्मद साहब के नवासे हजरत इमाम हुसैन की शहादत को याद कर गमगीन हो गया । शोक का यह सिलसिला 22 सितंबर से 2 अकटूबर तक चलेगा ।दस दिनो तक शिया समुदाय के लोगो के अजाखने में मजलिस व मातम का कार्यक्रम चलता रहेगा
उधर मखदूम अबदुल हक की नगरी रूदौली में दूसरी तारीख को चौधरी इरशाद हुसैन के इमाम बाड़ा से मशहूर जुलूश उठेगा तीसरी मुहर्रम को चौधरी हासिम सुफियाना का कादिमी जुलूस उठेगा तथा चौथी मोहर्रम का जुलूस चौधरी औन मोहम्मद कोठी से उठेगा सातवी मोहर्रम को बड़ा इमाम बाड़ा सोफियाना से रात्रि नौ बजे जुलूश उठकर दरगाह हजरत अब्बास मोहल्ला सवार पहुचेगा इसको मेहंदी की भी जुलूस कहते है आठवी का जुलूस मखदूम जादा मोहल्ला से निकाला जायेगा। रूदौली क्षेत्र के अलग-अलग जगहो पर ताजिया रखी जाती है जहां चाय शबील खिचड़ा का इंतिजाम रहता है। मुख्यरूप से चौधरी इरशाद हुसैन का बड़ा इमाम बाड़ा व पूर्व राज्य मंत्री अब्बास अली जैदी का आवास का भव्य सजावट देखने को लोग दूर दूर से आते है देश के कौने कौने में मशहूर है ताजिया रूदौली व मवई की ताजिया दारी के लिए देश के कौने-कौने में मशहूर है देश के विभिन्न हिस्सो में जाते है जो बहुत ही सुंदर व कलात्मक होते है


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