खुर्शीद खान
सुलतानपुर।सरस्वती विद्या मन्दिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय विवेकानन्दनगर में आज शिक्षक दिवस पर शिक्षक दिवस कार्यक्रम आयोजित किया गया। बाद में कक्षाओं में गुरू के सम्मान में संकोच के साथ छात्र-छात्राओं ने गुरू के संरक्षण में ही कक्षाओं में अध्यापन कार्य भी किया।
वन्दना सभा में आयोजित कार्यक्र के मुख्य अतिथि डाॅ. जे.पी. सिंह ने कहा कि हर क्षेत्र में काम करने वाले व्यक्ति में विद्यार्थी का गुण होना चाहिए। शिक्षक को तो निश्चित रूप से विद्यार्थी रहना चाहिए। जिसमें यह गुण होता है वह सही विकास करता है। उन्होंने कहा कि शिक्षक से छात्र और छात्र से शिक्षक का अस्तित्व है। शिक्षक बच्चों का विकास तो करें ही साथ ही अपन व्यक्तित्व विकास भी करें। इसमें शिक्षक की अभिव्यक्ति अच्छी होनी चाहिए। सर्वथा उन्नयन सर्वांगीण हो।
इससे पहले प्रधानाचार्य शेषमणि मिश्र और वरिष्ठ आचार्य राज नारायण शर्मा ने गुरू और शिष्य के आदर्श सम्बन्धों पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम में छात्रा जान्हवीं एवं उनकी साथियों ने ‘मातु पिता, प्रभु गुरू चरणों में‘ तथा श्रिया और साथियों ने ‘स्वयं भगवान हमारे गुरू परम् पधारे’ गीत प्रस्तुत कर गुरू की महिमा का बखान किया। छात्र आजाद विक्रम सिंह ने कविता पाठ कर अपनी भावना व्यक्त की।
कार्यक्रम के बाद सीनियर कक्षाओं में मेधावी छात्र-छात्राओं ने अपने आचार्य-आचार्या के संरक्षण में कक्षाओं में शिक्षण कार्य कर गुरू हो सम्मान व्यक्त किया।


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