शिवेश शुक्ला
प्रतापगढ़ । मुख्यमंत्री के सर्वोच्च प्राथमिकता वाले जनसुनवाई (आई0जी0आर0एस0) कार्यक्रम में हिलाहवाली और लापरवाही जिला स्तरीय अधिकारियों पर भारी पड़ी। जिलाधिकारी शम्भु कुमार ने कैम्प कार्यालय में जनसुनवाई और जन शिकायतों की समीक्षा के दौरान मानक से कम प्रगति वाले जिला पूर्ति अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, उपजिलाधिकारी लालगंज, उपजिलाधिकार कुण्डा, उपजिलाधिकारी सदर, उपजिलाधिकारी पट्टी, उपजिलाधिकारी रानीगंज, तहसीलदार सदर, तहसीलदार पट्टी, तहसीलदार कुण्डा, अधिशासी अभियन्ता लोक निर्माण विभाग-प्रथम, अधिशासी अभियन्ता लोक निर्माण विभाग प्रान्तीय खण्ड, जिला पंचायत राज अधिकारी, समाज कल्याण अधिकारी, खण्ड विकास अधिकारी शिवगढ़, सांगीपुर, बाबागंज, बिहार, कालाकांकर, एस0डी0ओ0 विद्युत रानीगंज, सहायक चकबन्दी अधिकारी कुण्डा, अधिशासी अभियन्ता सिंचाई प्रतापगढ़, अवर अभियन्ता सिंचाई कुण्डा, अवर अभियन्ता सिंचाई बिहार, खण्ड शिक्षा अधिकारी कुण्डा, खण्ड शिक्षा अधिकारी प्रतापगढ़, खण्ड शिक्षा अधिकारी रामपुर संग्रामगढ़, सहायक विकास अधिकारी बिहार, अधिशासी अभियन्ता खण्ड-51, अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत मानिकपुर, अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत अन्तू, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद्, अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, प्रभारी चिकित्साधिकारी बिहार, एल0डी0एम0, जिला कृषि अधिकारी, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत, अधिशासी अभियन्ता नलकूप, जिला खाद्यी ग्रामोद्योग अधिकारी, दुग्ध विकास अधिकारी एवं खान निरीक्षक का वेतन रोकने और एस0डी0एम0 कुण्डा, तहसीलदार कुण्डा को बार-बार कहने के बाद भी अपेक्षितकृत सुधार न होने के कारण जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की और कारण बताओ नोटिश देने के लिये कहा। बैठक में जिला क्रीड़ाधिकारी के अनुपस्थित होने पर जिलाधिकारी ने स्पष्टीकरण मांगा और वेतन वेतन रोकने का निर्देश दिये।


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