सत्येन्द्र खरे
कौशांबी : जनपद एवं सत्र न्यायाधीश दिलीप सिंह यादव 15 वर्ष पूर्व अधेड़ की तमंचे से गोली मारकर हत्या करने के एक मामले की सुनवाई की। जिसमें उन्होंने आरोपी पर दोष सिद्ध पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही आरोपी पर दस हजार का अर्थदंड भी लगाया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार करारी थाना क्षेत्र के मीरापुर गांव निवासी मघई लाल बीते 21 अगस्त 2002 को शौच के लिए घर से बाहर गए थे। इसी दौरान गांव के ही नोखेलाल पुत्र जगदीश पासी ने उनपर तमंचे से फायर कर दिया और मौके से फरार हो गया। गोली लगते ही मघई लाल वहीं गिर गया। गोली की आवास सुनकर आस पास के लोग मौके पर पहुंते, लेकिन तब तक मघई की मौत हो चुकी थी। मामले को लेकर मघई के पुत्र राम सिंह ने करारी पुलिस को तहरीर देकर गांव ही नोखेलाल के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। 15 वर्षों तक मुकदमा की सुनवाई एक के बाद एक कई अदालतों में चलती रही। मामले का अंतिम विचारण जनपद न्यायाधीश की अदालत में चला। सोमवार को मामले की सुनवाई हुई। अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता विनय कुमार यादव ने वादी समेत कुल दस गवाहों को परीक्षित कराया। उभय पक्षों को सुनने व पत्रवली में उपलब्ध सक्ष्यों के अवलोकन के बाद न्यायालय ने आरोपी को हत्या का दोषी पाया और उसे उम्र कैद की सजा सुना दी।


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