कांग्रेस सांसद ने जमकर कसे मोदी और शाह पर तंज, बोले मन की बात मे पीएम करें राज का खुलासा
लालगंज / प्रतापगढ़। कांगे्रस के राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के बेटे जय शाह की कंपनी टेम्पल इण्टरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड के एक ही वित्तीय वर्ष मे साल भर मे सोलह हजार गुना मुनाफा बढ़ने को लेकर मोदी सरकार की जमकर घेराबंदी की है। सोमवार को यहां एक दिनी दौरे पर आये कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कैम्प कार्यालय पर पत्रकारों से रूबरू होते हुये कहा कि जहां एक ओर जीएसटी आने के बाद व्यापारी और उद्यमी दस से पन्द्रह प्रतिशत मुनाफा कमाने के लिये संघर्ष कर रहे है और इसके बावजूद तमाम उद्योग धन्धे और कंपनियां बंद हो रही है। वहीं देश के सत्तारूढ दल बीजेपी के अध्यक्ष के बेटे की कंपनी को यदि साल भर के भीतर इतना बडा मुनाफा हो रहा है तो यह भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार रोकने का सुपर चमत्कार ही साबित हो रहा है। श्री तिवारी ने शाह पर तंज कसते हुये कहा कि सत्तारूढ़ दल के सुपर लाल की कंपनी को इस तरह का मुनाफा कैसे हो रहा है इसे देश के अन्य नौजवानों को भाजपा को वह गुण बताना चाहिये ताकि व्यापार पर घाटे मे चलने वाली कंपनी सत्ता मे आने के बाद अमेरिका और जापान को पीछे छोड़ते हुये किस व्यापार नीति से हजार गुना मुनाफा अर्जित कर सकी। उन्होनें कहा कि जय शाह की जो कंपनी एक वर्ष पहले हजारों मे सिमटी हुई थी। आज उसका इतना बडा मुनाफा अर्जित कर लेना गहरे आश्चर्य का प्रतीक है। सांसद प्रमोद तिवारी ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल के उस बयान को जिसमे उन्होनें झूठ की सारी हदें पार करते हुये सोलह हजार गुना मुनाफे को सोलह लाख गुना भी मुनाफा कमाये जाने की वकालत की है, को पूरी तरह गैरवाजिब ठहराया है। कांगे्रस के वरिष्ठ सांसद प्रमोद तिवारी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नारे न खाऊंगा न खाने दूंगा का जिक्र करते हुये कहा कि यदि श्री मोदी अब जब मन की बात करें तो इस राज का खुलासा जरूर करें कि उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के बेटे जय शाह के हाथ पारस के है। जिनका हाथ जहां लग जाता है वह सोना कैसे बन जाता है। सांसद प्रमोद तिवारी ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री विवशता मे पार्टी हित मे इस पर जरूर मौन ही रहेगें। श्री तिवारी ने भाजपा पर राजनीतिक व्यंगवाण छेड़ते हुये कहा कि इस मुनाफे के बाद मोदी सरकार को चाहिये कि वह व्यापार जगत मे अर्थशास्त्र का एक विश्वविद्यालय खोले और जय शाह को उस विश्वविद्यालय का वाईस चांसलर बनाये ताकि व्यापार मे एकाएक सोलह हजार गुना मुनाफा हासिल करने की विधा पर भारत देश एक ही दो सालों मे दुनिया का सबसे समृद्धिशाली देश बन सकें।


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