सुनील गिरि
उत्तर प्रदेश के जनपद हापुड़ में झोलाछाप डॉक्टर की गलती पड़ी एक परिवार पर भारी बुखार की दवा लेने आयी 19 वर्षीय युवती सलमा को झोलाछाप डॉक्टर ने लगाया गलत इंजेक्शन जिसके बाद युवती की हुई मौत परिजनों ने किया हंगामा आरोपी झोलाछाप डॉक्टर मोके से फरार पुलिस ने मौके पर पहुंच कर लोगो को समझा बुझा कर किया मामला शान्त आरोपी झोलाछाप डॉक्टर की तलाश जारी ।
आपको बतादे की जनपद हापुड़ में झोलाछाप डॉक्टर के क्लिनिक गली गली में खुले हुए है जहाँ आज सस्ते इलाज के चक्कर मे एक परिवार को अपनी बेटी की मौत से चुकाना पड़ा हापुड़ कोतवाली छेत्र की मोती कालोनी में डॉ० जुबेर ने खान क्लीनिक के नाम से दुकान खोली हुई है जहाँ 19 वर्षीय युवती सलमा अपनी अम्मी के साथ बुखार की दवाई लेने गयी लेकिन झोलाछाप डॉक्टर ने युवती को इंजेक्शन लगाया जिससे उसकी हालत और ज्यादा बिगड़ गयी आनन फानन में परिजन उसको नजदीकी अस्पताल में ले गए जहाँ डॉo ने उसको मर्त घोषित कर दिया जिससे परिजनों में झोला छाप डॉ के खिलाफ आक्रोश पैदा हो गया और झोला छाप डॉo के क्लिनिक पर पहुँच कर हंगामा करने लगे लोगो का आक्रोश देख झोला छाप डॉ0 मोके से फरार हो गया किसी ने हंगामे की सूचना पुलिस को दी तो पुलिस भी मोके पर पहुँच कर जांच में जुट गई है और आरोपी झोला छाप डॉ0 की तलाश में जुट गई है ।
आपको बतादे की इस समय वायरल व डेंगू बुखार ने उत्तर प्रदेश सहित हापुड़ को भी अपनी चपेट में लिया हुआ है लोगो को सरकारी अस्पताल में सही इलाज व प्राइवेट अस्पतालों के अधिक बिल के कारण लोग इस तरहा के झोलाछाप डॉक्टर से इलाज कराने को मजबूर होना पड़ रहा है क्योंकि सरकारी अस्पताल में या तो डॉo सही से देखते नही है अगर देख भी ले तो पर्याप्त मात्रा में दवाइया भी उपलब्ध नही होती है जिससे ऐसे झोलाछाप डॉक्टर की इस समय चांदी है और ये लोग कभी कभी मरीज को गलत इलाज के कारण मोत तक हो जाती जिसकी जिमेदारी किसकी है उत्तर प्रदेश की योगी सरकार लोगो को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए चाहे कितने भी कोसिस कर ले लेकिन हापुड़ का स्वस्थ विभाग इस ओर से न जाने क्यो अपनी आंखें बंद किये बैठा है या यूं कहें कि विभाग को कोई बड़ी घटना होने का इंतजार है क्योंकि कोई भी विभाग जब कोई बड़ी घटना हो जाती है तभी कोई कार्यवाही करता है लेकिन तब तक इस तरह की लापरवाही न जाने कितने लोगों की जान लेलेती है


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