शिवेश शुक्ला
प्रतापगढ़। दंगल प्रतियोगिता के फाइनल में कांटे की टक्कर देते हुए दिल्ली के पहलवान को पटखनी देकर इलाहाबाद के सुनील चैंपियन बने। प्रदेश के कोने-कोने से आए कई नामी पहलवानों ने भी कुश्ती के दांव पेंच से सबको रोमांचित कर दिया। विधायक ने विजई पहलवानों को पुरस्कृत किया। जनपद के लालगंज तहसील क्षेत्र के ढिंगवस पूरेबीरबल में शुक्रवार को स्व0 शशिधर मिश्र स्मारक दंगल प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। दंगल प्रतियोगिता में हुए मुकाबले देख दर्शक रोमांच से भर उठे। प्रतियोगिता का पहला मुकाबला मिर्जापुर के पहलवान महेन्द्र कुमार व इलाहाबाद के सिद्ध में बीच खेला गया। जिसमें सिद्ध ने जीत हासिल की। इसी तरह दंगल में अन्य प्रतियोगिताओं में भी देश के कोने-कोने से आये पहलवानों ने कुश्ती के हैरत अंगेज दांव पेंच से विरोधियों को चित्त किया। दिल्ली के मनीष को कौशांबी के रामकिशन से हार का समाना करना पड़ा। वहीं कौशम्बी के तोता पहलवान ने कानपुर के शिवप्रसाद को, जैनपुर के राजू ने वाराणसी के वीरेन्द्र पहलवान को, जीनपुर के दिलीप ने मुगलसराय के ननकू को हराया। प्रतियोगिता का सबसे दिलचस्प मुकाबला फाइनल में देखने को मिला। एक घंटे दस मिनट तक चले इस मैराथन मुकाबले में दिल्ली के सोनू पहलवान का सामना इलाहाबाद के सुनील कुमार से हुआ। कांटे के मुकाबले में काफी जद्दोजहद के बाद इलाहाबाद के सुनील पहलवान ने दिल्ली के सोनू को चित्त कर चैंपियन का खिताब हासिल किया। दंगल में जीत हासिल करने वाले पहलवानों को क्षेत्रीय विधायक विनोद सरोज व जिला पंचायत अध्यक्ष उमाशंकर यादव ने आयोजन समिति की ओर से पुरस्कृत किया। विशिष्ट अतिथि के रूप में कुंदन सिंह, हौसिला ओझा व कैप्टन आरके पाण्डेय मौजूद रहे। आयोजक रज्जन मिश्र व सज्जन मिश्र ने अतिथियों व पहलवानों के प्रति आभार जताया। रेफरी की भूमिका में प्रदीप द्विवेदी व कमलेश द्विवेदी रहे। रामेश्वर प्रसाद शुक्ल व रमाशंकर मिश्र प्रतियोगिता में कमेंट्रेटर रहे। इस मौके पर अशोक बेलौरा, विश्वभजन शुक्ल, इंन्द्र नारायण शुक्ल, उमाशंकर शुक्ल, आद्याशरण शुक्ल, प्रदीप पांडेय, लल्लन तिवारी, विनीत मिश्र, संतोष मिश्र, जमुना पांडेय, दिवाकर पांडेय, मनोज ओझा, ललित मिश्र, कमलापति आदि मौजूद रहे।


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