बहराईच टूटे खिड़की दरवाजे और गन्दगी बनी मरीजो के लिए खतरा
जनपद बहराईच के (39) उन्तालीस लाख की जनसँख्या को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने का दावा करने वाले जिला अस्पताल का हॉल खुद ही बेहाल आकस्मिक चिकित्सा के लिए आये मरीजो का उपचार करने के लिए बनीं माइनर ऑपरेशन कक्ष के टूटे दरवाजे फैली गंदगी मरीजो के लिए खतरे का सबब बनी है और बेशर्म अधिकारी योगी सरकार के बेहतर चिकित्सा व्यवस्था के वादे का चीरहरण करते नजर आ रहे है। जब जिले की माइनर ओoटीo का ये हाल है तो स्वास्थ व्यवस्था कैसी होगी सहज ही अंदाज लगाया जा सकता है घोर लापरवाही का सारा माजरा आपको समझने में देर नही लगेगी। साफ़ सफाई के नाम पर अस्पताल प्रशासन हर महीने लाखो का गोलमाल तो जरूर करता है लेकिन ओoटीo का हाल देखकर नही लगता कि चिकित्सा व्यवस्था की ये बदरंग तस्वीर कभी सुधरेगी
माइनर ऑप्रेशन कक्ष से एमरजेंसी से चाइल्ड वार्ड तक के टूटे दरवाजे मरीजो में संक्रमण फ़ैलाने के लिए काफी हैं। आपरेशन कक्ष की साफ़ सफाई अति विशेष तरीके से होनी चाहिए जिससे मरीजो में संक्रमण न फैले लेकिन जिला अस्पताल की माइनर ओटी बदहाल है। ऐसे में मरीजो में इंफेक्शन फैलने का प्रबल खतरा बना हुआ है।
माइनर ओटी में मानक के अनुसार होने वाली प्रमुख व्यवस्थाएं भी ध्वस्त पड़ी हैं। स्वास्थ्य कर्मियों को जरुरी उपकरण भी मुहैय्या नही कराये गये हैं, जिससे आकस्मिक दुर्घटना में घायल मरीजों का उपचार सुचारू रूप से होना सम्भव नहीं हो पाता है। जिम्मेदार अधिकारी कहने को तो रोज सुबह शाम जिला अस्पताल का निरीक्षण करते हैं, लेकिन इन बड़ी कमियों पर उनका ध्यान क्यों नहीं जाता है यह जांच का विषय है।






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