1994 में दर्ज हुआ था जबरन फ़सल काटने का मुकद्दमा
मामला कूरेभार थानाछेत्र के मनीपुर पटना गांव का
सुल्तानपुर।लगभग 23 वर्ष पूर्व खेत से जबरन फसल काटने के मामले में फैसला आया है।एसीजीएम-21 के विद्वान न्यायाधीश श्री कुरील ने बचाव पछ के तर्कों को सुनने के बाद आरोपित तीन सगे भाइयों के बाइज्जत बरी कर दिया।इस मामले में लगभग तीन सौ तारीखों के बाद यह फैसला आया है।
मामला कूरेभार के मनिपुर पटना गावँ का है।जहां के निवासी सोहन लाल हलवाई पुत्र अलगू राम हलवाई ने गांव के ही तीन सगे भाइयों पर 17/03/1994 को सुबह सात बजे अरहर की कच्ची फसल जबरन काटने का आरोप लगाते हुए मुकद्दमा दर्ज कराया था।मु○अ○स- 81/1994 में भादवि की धारा 440 के तहत प्रभाकर तिवारी, दिवाकर तिवारी व अवधेश कुमार तिवारी सुतगण त्रिभुवन दास तिवारी नामजद हुए।बहस के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता राम खेलावन यादव (पूर्व सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी)ने दो गवाह को अदालत में परिछित कराया।एसीजीएम की अदालत ने वादी गवाह सोहन लाल और मोहम्मद इस्लाम(गवाह)के बयानों में विरोधाभास पाया।बचाव पक्ष के अधिवक्ता राम खेलावन यादव ने तर्क दिया कि वादी ने अपनी फसल स्वयं काटा और कटवाया । जिस पर न्यायधीश श्री कुरील ने अधिवक्ता की दलीलों से सहमत होते हुए आज तीनों भाइयों को बाइज्जत बरी कर दिया। 23 वर्ष से चल रहे इस मामले पर फैसला लगभग 300 तारीखों के बाद आया है।

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