ग्रामों को ओ.डी.एफ. बनाने में ग्राम प्रधानों की महत्वपूर्ण भूमिका।
सुलतानपुर। मुख्य विकास अधिकारी रामयज्ञ मिश्र ने कहा कि शासन की मंशानुसार जनपद को 02 अक्टूबर 2018 तक खुले में शौच से मुक्त कराना है। इस कार्य को पूर्ण कराने में ग्राम प्रधानों तथा ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। मुख्य विकास अधिकारी आज पंडित रामनरेश त्रिपाठी सभागार में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अर्न्तगत एक दिवसीय कार्यशाला को सम्बोधित कर रहे थे। मुख्य विकास अधिकारी ने प्रारम्भ में द्वीपप्रज्जवलित कर तथा मां सरस्वती जी एवं गांधी जी के चित्र पर मार्ल्यापण कर कार्यशाला का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर आयोजित कार्यशाला को सम्बोधित करते हुये मुख्य विकास अधिकारी ने ग्राम प्रधानों तथा ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों का आवाहन् करते हुये कहा कि युद्ध स्तर पर कार्य कर अपने जिले को 02 अक्टूबर 2018 तक खुले में शौच से मुक्त करा सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमें अपनी सोच को बदलने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि विश्व इज्जत दिवस 19 नवम्बर को प्रत्येक विकास खण्ड से ओ.डी.एफ. घोषित हो चुके तीन - तीन ग्राम प्रधानों एवं सचिवों को सम्मानित किया जायेगा। मुख्य विकास अधिकारी ने सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) को निर्देशित किया कि वे नियमित रूप से भ्रमण कर शौचालयों के निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करायें। उन्होंने कहा कि शौचालयों के निर्माण में गुणवत्ता में कमी पाये जाने पर सम्बन्धित के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जायेगी। इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी डॉ.डी.आर. विश्वकर्मा ने कहा कि जिले को खुले में शौच से मुक्त कराने को हम अभियान के रूप में लेकर पूर्ण करें। उन्होंने आवाहन् किया कि ग्राम प्रधानों के सहयोग के बिना यह कार्य सम्भव नहीं है। इस अवसर पर जिला पंचायत राज अधिकारी सर्वेश कुमार पाण्डेय ने कार्यशाला के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला तथा जिले को खुले में शौच से मुक्त बनाने की अपील की। कार्यशाला में यूनीसेफ के मण्डलीय सलाहकार राजीव नयन गुप्ता एवं जिला स्वच्छता प्रेरक जारा ने भी सम्बोधित किया।

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