सुल्तानपुर।पिछले कई दिनों से समाचार चैनलों पर एक कंपनी के टीवी विज्ञापन में आपत्तिजनक दृश्य दिखाया जा रहा है जिससे क्षुब्ध होकर मानवाधिकार संरक्षण संस्था के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डी.पी.गुप्ता एड ने सम्बंधित कम्पनी की शिकायत एडवर्टाइजिंग स्टैंडर्डस काउंसिल ऑफ इंडिया से किया।
ए एस सी आई को भेजे शिकायत में मानवाधिकार संरक्षण संस्था के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डी.पी.गुप्ता एड ने लिखा कि विदेशी सभ्यता की तर्ज पर बना यह कंडोम का विज्ञापन भारतीय समाज में परिवार के साथ देखने योग्य नहीं है। भारतीय समाज के प्रत्येक परिवार में एक ही कमरे में बैठकर बच्चों के साथ टीवी देखने की पंरपरा है ऐसी स्थिति में अश्लील दृश्य से भरे विज्ञापन से पूरा परिवार असहज महसूस करने लगता है, और चैनल बदल देता है। इस तरह के आपत्तिजनक दृश्य हमारे समाज में बच्चों और परिवार के साथ बैठकर देखना संभव नहीं है।विज्ञापन की आड़ में भारतीय समाज में अश्लीलता परोसना अपराध है, सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए।
भारतीय सामाजिक पंरपरा को देखते हुए राष्ट्रीय स्तर के न्यूज चैनलों को इस तरह के अश्लील विज्ञापन अपने न्यूज चैनल में नहीं दिखाना चाहिए परंतु व्यावसायिक लाभ के लोभ में वे भी इसको अनदेखा कर रही हैं।
मानवाधिकार संरक्षण संस्था के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डी.पी.गुप्ता एड ने मांग किया कि इस तरह के अश्लील दृश्य वाले सभी विज्ञापनों पर रोक लगे।
इस अवसर पर प्रदेश संरक्षक सरदार जितेंद्र सिंह सोडी, प्रदेश सदस्य अनिल कुमार बरनवाल,आलोक पारोलिया, अमित जायसवाल, लीगल एडवाइजर देवता दीन निषाद एडवोकेट,संयुक्त सचिव डॉ अरूण सिंह, संतोष कुमार पाठक, आदि मौजूद रहे।

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