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गोण्डा:आखिर रेल कब करेगा कार्यवाई


कार्यवाई के आभाव में रेल को हो रही लाखो की क्षति
गोण्डा। मुख्यालय पर रेल का विस्तृत क्षेत्र है जिसमें रेलते यार्ड, माल गोदाम, डीजल शेड से लेकर रेलवे आवासीय कालोनी स्थापित है जिसमें हजारों की संख्या में रेल कर्मी कार्यरत है लेकिन सुविधा के नाम पर शोषण व दिखावा कर लाखों का बन्दर बांट किया जा रहा है।
अनियमितता का हाल यह है कि मुख्यालय पर पिछले 28 वर्षों से एक ही स्थान पर कार्यरत अधिकारी अपने आवास तक बना लिए है जिनके आवासों में रेल के लकड़ी से लेकर लोहे व अन्य सामानों से निर्माण कराया गया है। रेल भूमि को दुकान लगाने के लिए व अधिक भूमि पर स्थायी, अस्थायी कब्जा व निर्माण के लिए माहवारी बांध ली गयी है जिससे निडर होकर लोग अब आम नागरिकों के सुविधा को ध्यान में न रख कर अपने लाभ देख रहें है।
रेलवे आवासों की हालत बद से बदतर
रेल परिक्षेत्र में आवासों की हालत बद से बदतर बनी हुयी है। रेल जहाँ स्वच्छता अभियान चला रखा है। वही रेल कालोनियों की नालियों से आवासों में गन्दा पानी घुस रहा है। नालियाँ ओवर फ्लो है। आवास जंगलों के बीच स्थित हो गये है। चारों तरफ झाड़ियों में तब्दील है। आवास जर्जर होकर उसके पोपड़े प्लास्टर घरों में गिर रहें है। बरसात में छते चूने लगा है। कालोनियों में लगे हैण्डपम्प वर्षों से खराब है जिसके कारण यदि वाटर सप्लाई के दौरान पानी स्टोर नही किया गया तो लोग पीने व नहाने के लिए तरस जाते है। पानी की बरबादी भी जम कर हो रही है। रेल आवासों में शौचालय के लिए बने पक्की टंकियों से पानी ओवर फ्लो होकर लाखों लीटर प्रतिदन बर्बाद होता है। अधिकांश रेल आवासों के रोशनदान, खिड़की, दरवाजे सड़ गये है। जिनका कोई पुरसा हाल नहीं है। 
पिछले दिवस रेल के तीन आवास सहित भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया। रेल आवासों के सुरक्षा के लिए चारों तरफ से चाहरदीवाली क्षतिग्रस्त होकर टूट गयी है। जिसका न तो निर्माण किया जा रहा है और न ही रेल लाइन लगा कर तार ही खींचा जा रहा है। इसकी शिकायत स्थानीय अधिकारियों से लेकर जीएम गोरखपुर डीआरएम लखनऊ एइएन, डीइएन व रेल मंत्री से ट्वीट कर शिकायत की गयी लेकिन इसके बावजूद रेल अधिकारियों के कान में जूं तक नही रेंगी है।
अपराधियों का शरण माह बना रेल आवास
रेल आवासों में रेल कर्मियों के नाम पर अपराधी भी रह रहें है। जिनके नाम से दर्जनों मुकदमे भी दर्ज है। इसके बावजूद यहाँ के अधिकारियों के संरक्षण में रेल आवासों में निवास कर रहें है। ऐसे अपराधियों के लिए रेल आवास सुरक्षित स्थल है। जहाँ सिविल पुलिस का भी कोई भय नही होता है और रेल आवासों में उन्हें हर तरफ की सुविधाये भी प्राप्त होती रहती है। 
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