सरकार के दावो पर माताहत फेर रहे पानी
सिर्फ जख्म भरने का रिवाज पूरा कर रहा विभाग
गोण्डा। सरकार सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए कई बार अपनी डेउ लाइन बढ़ा चुकी है। गुरुवार को अन्तिम चेतावनी यानी 30 नवम्बर की भी समय सीमा समाप्त हो गयी फिर भी प्रमुख राजमार्ग गड्ढा मुक्त तो नही हुए बल्कि थोड़ा बहुत जख्म भरकर उन्हें दुर्घटना युक्त बना दिया। यही कारण है कि सरकार के दावो पर माताहत ही पानी फेर रहें है। जख्म भरने के नाम पर विभाग ने सिर्फ रस्म अदायगी कर खूब गोल माल किया।
बानगी के तौर पर हम आपको गोण्डा बहराइच राजमार्ग पर ले चल रहें है। जहाँ पर सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के नाम पर किस तरह खेल किया गया है कि राहगीर भी दंग है। गोण्डा बाईपास से लेकर जनपद की सीमा तक सड़क पर प्रति मीटर एक गड्ढा अवश्य मिलेगा। इस बीच सड़क को गड्ढा मुक्त करने के लिए जगह-जगह लेपन का कार्य शुरू हुआ लेकिन मानकों की अनदेखी के चलते सुबह किया गया लेपन उखड़ गया। सड़क फिर अपने पुराने रूप में पहुंच गयी। अब हाल यह है कि लेपन में डाली गयी जीरा गिट्टियाँ पूरे सड़क और किनारे फैल चुकी है। जो दोपहिया वाहनों के लिए मौत का मंजर बन चुकी है। यदि सामने से आ रहे वाहन को जरा सी भी स्पीड में साइड दिया तो गिट्टियां इस कदर स्लिप कर रही दो पहिया वाहन चालक फौरन पलट जाते है। सिर्फ मुख्यालय से जनपद की सीमा तक महज 22 किमी की दूरी में अब तक करीब आधा दर्जन लोग असमय काल के गाल में समा गये। वही दर्जनों लोग इन उखड़ी गिडियों की वजह प्रतिदिन गम्भीर रूप से चोटहिल हो जाते है।
बाक्स - अधिशासी अभियन्ता बोले
इस सम्बन्ध में लोक निर्माण विभाग के प्रान्तीय खण्ड के अधिशासी अभियन्ता वी.के गुप्ता ने बताया कि मुझे ऐसी कोई जानकारी नही। यदि ऐसा है तो उसे तत्काल दिखवाया जायेगा और जिम्मेदारों के विरुद्ध कार्यवाही की जायेगी।


एक टिप्पणी भेजें
0 टिप्पणियाँ