शिवेश शुक्ला
प्रतापगढ । चिकित्सा विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को जिलाधिकारी शम्भू कुमार ने कड़े निर्देश दिये है कि मिशन इन्द्रधनुष योजना के अन्तर्गत कराये जा रहे सर्वे में आच्छादित बच्चों को जानलेवा 7 बीमारियों से पूरी तरह प्रतिरक्षित करने के लिये शत् प्रतिशत टीकाकरण कराना सुनिश्चित किया जाये जिससे मिशन इन्द्र धनुष का लक्ष्य पूर्ण हो सके। जिलाधिकारी ने सोमवार को कैम्प कार्यालय में इनटेन्सीफाईड मिशन इन्द्रधनुष टास्क फोर्स की मीटिंग की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होने कहा द्वितीय चरण से 7 नवम्बर से 17 नवम्बर तक मिशन की योजना को पूरी ईमानदारी के साथ लागू किया जाये ताकि मिशन में सम्मिलित होने से एक भी बच्चा छूटने न पाये। उन्होने बैठक यह भी कहा कि मिशन की कार्ययोजना को कार्यरूप देने में जिन चिकित्साधिकारियों और ए0एन0एम0 व अन्य पैरामेडिकल स्टाफ की लापरवाही पायी जायेगी तो उनके खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने के निर्देश दिये। बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 आर0के0 नैय्यर ने आई0एम0आई0 (इनटेन्सीफाईड मिशन इन्द्रधनुष) दोनो कार्ययोजना का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। प्रस्तुत कार्ययोजना में आसपुर देवसरा, लक्ष्मणपुर के प्रभारी चिकित्साधिकारी सम्बन्धित ए0एन0एम0 से स्पष्टीकरण मांगने के निर्देश दिये। सी0एम0ओ0 की प्रस्तुत कार्ययोजना में इन्ही दोनो खास केन्द्रों की प्रगति सबसे कम पायी गयी थी। जिलाधिकारी ने मिशन इन्द्रधनुष को शत् प्रतिशत सफल बनाने के लिये विभागीय समन्वय पर विशेष बल देते हुये कहा है कि मिशन को सफल बनाने के लिये पंचायती राज, बाल विकास एवं पुष्टाहार, बेसिक शिक्षा विभाग एवं आपूर्ति विभाग की सेवाये ली जाये और इन विभागो के ग्राम स्तरीय कार्यकर्ताओं का विशेष सहयोग लिया जाये। उन्होने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, बेसिक िक्षा विभाग के शिक्षको, आपूर्ति विभाग के निरीक्षक और कोटेदारो, ग्राम प्रधानो, रोजगार सेवको, का सहयोग लिया जाना सुनिश्चित किया जाये।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजकमल यादव, मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 आर0के0 नैय्यर, डी0सी0 मनरेगा जनार्दन प्रसाद यादव, जिला कार्यक्रम अधिकारी सन्तोष कुमार श्रीवास्तव सहित सम्बन्धित अधिकारी मौजूद थे।


एक टिप्पणी भेजें
0 टिप्पणियाँ