सुलतानपुर।कूटरचित जमानतनामा तैयार कर आरोपी को जेल से छुड़ाने एवं दहेज हत्या के मामले में आरोपियों की तरफ से संबंधित अदालतों में जमानत अर्जी पेश की गयी। जिस पर सुनवाई के पश्चात जिला जज एवं एडीजे द्वितीय की अदालत ने आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
पहला मामला
लम्भुआ थाना क्षेत्र से जुड़ा है। जहां के मौजूदा थानाध्यक्ष धर्मराज उपाध्याय ने मुखबिर की सूचना पर बीते 22 सितंबर को कई सेट फर्जी बेलबांडों समेत अन्य समानो के साथ आरोपी रमेश यादव निवासी चाचापारा व अंबिका प्रसाद सिंह निवासी ग्राम भदैया थाना क्षेत्र लम्भुआ को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक जिन्होंने लूट के आरोपी अम्बुज यादव को फर्जी जमानतनामा के सहारे छुड़ाने का जुर्म स्वीकार किया इसके अलावा अन्य कई आरोपियों को भी फर्जी जमानतनामे का लाभ दिलाने का जुर्म कबूला। इस मामले में दोनों आरोपियों की तरफ से अपर जिला जज द्वितीय की अदालत में जमानत अर्जी पर सुनवाई चली। इस दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने पुलिस की कहानी को फर्जी एवं मनगढ़ंत बताते हुए किसी भी जमानतनामें को आरोपियों के जरिए तैयार न करने की बात कही। वहीं अभियोजन पक्ष ने अपराध को अत्यंत गंभीर बताते हुए जमानत पर विरोध जताया। उभय पक्षों को सुनने के पश्चात न्यायाधीश नासिर अहमद ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए और ऐसे आरोपियों को जमानत पर रिहा किए जाने से समाज में गलत संदेश जाने की बात को दृष्टिगत रखते हुए दोनों आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
दूसरा मामला
कोतवाली नगर थाना क्षेत्र के मेजरगंज इलाके का है जहां के रहने वाली जया गुप्ता पत्नी प्रशांत कुमार गुप्ता की हमलावरों ने बीते 29 मई की सुबह गोली मारकर हत्या कर दी। पहले इस मामले में चेन छिनैती को लेकर हत्या की बात सामने आयी। वहीं मृतका के परिजनों ने ससुरालीजनों पर ही दहेज की मांग को लेकर षडयंत्र रचकर हत्या करने का आरोप लगाया। विवेचना के दौरान यही आरोप प्रथम दृष्टया सही भी पाया गया। पुलिस ने इस मामले में पति प्रशांत कुमार गुप्ता समेत अन्य को जेल भेजने की कार्रवाई की। इसी मामले में प्रशांत कुमार की तरफ से प्रस्तुत जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान जिला शासकीय अधिवक्ता शुकदेव यादव ने बचाव पक्ष के तर्कों को निराधार बताते हुए जमानत पर विरोध जताया। तत्पश्चात जनपद न्यायाधीश प्रमोद कुमार पंचम ने आरोपी पति की जमानत अर्जी खारिज कर दी।

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