सुलतानपुर।जमीनी विवाद को लेकर खूनी संघर्ष में दो लोगो की चली गयी जान तो ग्यारह लोग हुए लहूलुहान।विवादित जमीन पर हो रहे निर्माण को लेकर विपक्षियों ने शराब के नशे में ऐसा तांडव मचाया कि आस-पास के लोग भी दहशत में आ गए।धारदार हथियार से हमलावरों ने शिक्षक और उसकी भाभी को मौत के घाट उतार दिया। हमले में महिलाओं समेत सात लोग गम्भीर रूप से घायल हुए है। घटना के मद्देनजर कई थानों की पुलिस फोर्स गांव में तैनात कर दी गयी है।बताते चले घटना बल्दीराय थाना क्षेत्र के पूरे गुरुदत्त तिवारी मजरे पारा गनापुर गांव की है। रविवार की रात विपक्षियों ने विद्याधर तिवारी के परिवार पर सोते समय हमला कर दिया। आरोप है कि दुर्गेश तिवारी अपने परिवार के साथ धारदार हथियार व लोहे की रॉड से लैस होकर बाहर बिस्तर में लेटे राम तीर्थ तिवारी व राम मिलन तिवारी पर हमला बोल दिया। इनकी चीख पुकार पर परिवार के विद्याप्रसाद तिवारी (41) पुत्र राम मिलन, ऊषा देवी (34) पत्नी अंबिका प्रसाद, लकी(12) पुत्र विद्याप्रसाद, विभा तिवारी (38) पत्नी विद्याप्रसाद, राम मिलन तिवारी (70) पुत्र रघुनन्दन तिवारी, मृदुल तिवारी (11) पुत्र अंबिका प्रसाद, राजदेई (68) पत्नी राममिलन, आशा देवी (40) पत्नी आद्या प्रसाद, राम तीर्थ (60) पुत्र रघुनन्दन, वरुण तिवारी (17) पुत्र लालता प्रसाद तिवारी, गोलू (15) पुत्र आद्द्या प्रसाद को मारकर गंभीर रूप से घायल कर हमलावर फरार हो गये।
खूनी संघर्ष में घायलों की फ़ोटो
आरोप यह है कि हमलावरों में दुर्गेश मिश्रा, अनिल मिश्रा, अवधेश मिश्रा पुत्रगण रामराज मिश्रा व रामराज मिश्रा पुत्र राम प्रसाद मिश्र शामिल थे। जिनसे जमीनी विवाद वर्षो से चला आ रहा है। एक दिसम्बर को विवादित स्थल पर विपक्षी दुर्गेश आदि ने मकान निर्माण शुरू किया तो विद्याप्रसाद ने पुलिस की मदद से निर्माण कार्य रुकवा दिया। तब से दोनों परिवार के लोगो मे दुश्मनी बढ़ती गयी। जिसको लेकर सहायक अध्यापक विद्या प्रसाद तिवारी के परिवार पर विपक्षियों ने हमला बोल दिया। जिसमे 11 लोग गम्भीर रूप से घायल हो गये। सूचना पर पहुची पुलिस ने घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बल्दीराय पहुँचाया। जहाँ डॉक्टरों ने सात लोगों को जिला अस्पताल रिफर कर दिया। जिसमें सहायक अध्यापक विद्याप्रसाद तिवारी व उनकी भाभी ऊषा देवी की रास्ते में मौत हो गयी।
आगे जाने पूरा मामला:
पूरे गुरुदत्त तिवारी गांव में बाग की जमीन में पूरा गांव बसा हुआ है। जिसपर मृतक विद्या प्रसाद के परिवारीजन पूरे गांव पर न्यायालय से वर्षो पूर्व स्थगनादेश ले रखा है। इनका मानना है कि बाग का सरकारी बंटवारा हो। मृतक के भतीजी अंकित तिवारी ने बताया कि दुर्गेश मिश्र के घर का दरवाजा उत्तर दिशा को है। लगभग 3 वर्ष पूर्व दुर्गेश अपने घर की बाहरी दीवार बनाने लगे तो दक्षिण दिशा को अपना नया दरवाजा खोल दिया। यही से दोनों परिवार के बीच विवाद की शुरुआत हुई।विद्याप्रसाद तिवारी पूर्व माध्यमिक विद्यालय हलियापुर में सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत थे। मृतक अध्यापक के दो बच्चे है। जिनका नाम लकी (12) वर्ष व स्वतंत्र (8) वर्ष के है। जिसमे हमलावरों ने बड़े लड़के लकी को भी मार कर घायल कर दिया। जिसका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। यही नहीं पत्नी विभा तिवारी भी गम्भीर रूप से घायल है। मृतिका ऊषा देवी के मृदुल (11) वर्ष व चंचल (6) के बच्चे हैं। जिसमे मृदुल भी घायल है।
घटना स्थल का पुलिस अधीक्षक ने किया दौरा
दोहरे हत्याकांड की सूचना पर पुलिस अधीक्षक अमित वर्मा ने घटना स्थल पर पहुंच जायजा लिया, और उन्होंने कहा कि घटना को अंजाम देने वालो के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जायेगी। अपराधियों के विरुद्ध रासुका लगाया जायेगा। उन्होंने परिवारीजनों को ढांढस बधाते हुए कहा कहा कि सभी गम्भीर रूप से घायलों को जिला अस्पताल से लखनऊ इलाज के लिए भेजवा दिया गया है। कप्तान ने बीट के दरोगा अशोक कुमार सिंह व सिपाही अजय सोनकर को लाइन हाजिर कर दिया।


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