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अमेठी: गुजरात में पैर पसारने की फिराक में लगे राहुल घर में चारों खानें चित, वोटों का हुआ जातीय ध्रुवीकरण



अलीम खान 
अमेठी. कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी मोदी-शाह के गढ़ गुजरात में पांव पसारने की फिराक में डेरा डाले पड़े हैं। और यहां उनके पुश्तैनी विरासत वाले गढ़ में बीजेपी या यूं कहें के अमेठी की दीदी कही जानें वाली स्मृति ईरानी ने उन्हें चारो खाने चित कर दिया है। दो नगर पंचायत को त्याग दो नगर पालिका पर लड़ने वाली सीट में बीजेपी-सपा ने 1-1 का बंटवारा कर लिया है। वैसे राजनैतिक परिक्षेत्र में भले ही इसे बीजेपी की जीत माना जा रहा हो पर राजनीतिक पंडित इसे वोटों का जातीय ध्रुवीकरण ही मान रहे। 

1 नगरपालिका और 1 नगर पंचायत पर बीजेपी का कब्जा
उत्तर प्रदेश में निकाय चुनाव के नतीजों के साथ-साथ अमेठी की दो नगर पालिका और दो नगर पंचायतों के भी नतीजे आ गये हैं।
बीजेपी ने प्रदेश भर में एक केसरिया रंग की धूम मचाते हुए यहां भी बाजी मारी है। मलिक मोहम्मद जायसी की सरज़मी पर 
जहां बीजेपी के महेश सोनकर ने 3461 वोट पाकर कांग्रेस के इशरत हुसैन को 632 वोट से धूल चटाई है, वहीं अमेठी राजघराने की नगर पंचायत सीट पर स्मृति ईरानी के अति निकटतम राजेश मसाला की पत्नी चंद्रमा देवी ने 3575 वोट पाकर निर्दलीय प्रत्याशी लाईक हवारी को 1035 वोट से शिकस्त दी है। यहां कांग्रेस मैदान छोड़ कर बैठी थी। हालांकि इसके पूर्व भी चंद्रमा देवी इस पद को हासिल कर चुकी हैं। वहीं अमेठी मुख्यालय की गौरीगंज नगर पालिका सीट को सपा की राजपति पासी ने 5494 वोट पाकर 1404 वोटों से बीएसपी से छीना है। यहां कांग्रेस सपा के मुकाबले भी नही टिकी है। जबकि मुसाफिरखाना नगर पंचायत पर बृजेश कुमार अग्रह्री ने 982 वोटों से दुबारा हासिल किया है।

स्मृति और बीजेपी नहीं व्यक्तिगत व्यवहार पर निकली सीट
आपको बता दें के दिन प्रति दिन कांग्रेस के गढ़ में उसके दुर्दिन पर लोगो का मानना है  कि ये जीत न स्मृति ईरानी की है और न ही किसी पार्टी की जीत। चंद्रमा देवी इसके पहले भी अमेठी से चेयरमैन चुनी जा चुकी हैं, उनके पति राघव राम ट्रस्ट चलाते हैं। इस ट्रस्ट के माध्यम से वो लोगों की दिल खोल कर मदद करते हैं। इसके अलावा उन पर लूट-घसोट का भी आरोप नहीं है इसलिए व्यक्तिगत व्यवहार पर उन्होंने सीट निकाली है। अगर जीत-हार का मसला पार्टी पर आधारित होती तो निर्दलीय प्रत्याशी दूसरे नम्बर पर नहीं होता, और सपा प्रत्याशी दूसरे नम्बर पर होता।

कांग्रेस को एनालिसिस की ज़रूरत
मलिक मोहम्मद जायसी की सरज़मी जायस नगर पालिका जिसमें मुस्लिम वोटरों की तादाद ज़्यादा है, कांग्रेस के गढ़ का ये इलाका एक किला है यहां बीजेपी पहले स्थान पर है और कांग्रेस दूसरे पर इस पर कहा जाए तो वो काबिले गौर है। देश एवं समाज का दुर्भाग्य है के चुनाव और मतदान प्रत्याशी के आधार पर नहीं धर्म-बिरादरी के आधार पर होता है।अब लोगो का  नज़रिया बदलना होगा, और कांग्रेस के बड़े नेताओं को एनालिसिस करना होगा के बार-बार कमी कहाँ हो रही। लीडर शिप या कार्यकर्ता कमी कहाँ पर है जिससे चुनाव प्रभावित हो रहा।
सनद रहे कि इसी साल मार्च में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में अमेठी की 5 में से 4 विधानसभा सीटें भाजपा ने जीत ली थी।

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