राकेश गिरी
बस्ती । ग्रामीण क्षेत्रों में बढाये गये विद्युत दर को वापस लिये जाने की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन ने मंगलवार को जिलाधिकारी के प्रशासनिक अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को 5 सूत्रीय ज्ञापन भेजा।
ज्ञापन सौंपते हुये भाकियू जिलाध्यक्ष राम मनोहर चौधरी ने कहा कि सरकार एक ओर तो किसानों की आय दो गुनी करने की बात करती है, चीनी मिलों पर करोड़ों रूपयों का गन्ना मूल्य बकाया है, धान क्रय केन्द्रों पर खरीदारी नहीं हो रही है और सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों के बिजली मूल्य मंें भारी वृद्धि कर दिया। यह किसानों के साथ धोखा है।
भाकियू मण्डल उपाध्यक्ष दिवान चन्द पटेल ने कहा कि अभी तक वाल्टरगंज चीनी मिल शुरू नहीं हुई, किसानों का गन्ना खेतों मंे खड़ा है। मांग किया कि चीनी मिल शुरू कराकर बकाया गन्ना मूल्य भुगतान कराते हुये सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में बढाये गये विद्युत दर को तत्काल वापस ले। ऐसा न हुआ तो भाकियू निर्णायक आन्दोलन को बाध्य होगी।
जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजे 5 सूत्रीय मांग पत्र मंें ग्रामीण क्षेत्रों में बढाये गये विद्युत दर को वापस लेकर कृषि कार्य हेतु किसानों को निःशुल्क बिद्युत उपलब्ध कराने, घरेलू उपयोग के लिये विद्युत शुल्क पूर्व की भांति लिये जाने,
ग्रामीण क्षेत्रों में जर्जर विद्युत पोल व तार को बदलवाये जाने, ट्रासफार्मरों की क्षमता विकसित किये जाने, ग्रामीण क्षेत्र में 20 घंटे विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कराने आदि की मांग शामिल है।
ज्ञापन सौंपते समय नायब चौधरी, हरीराम किसान, त्रिवेनी चौधरी, राधेश्याम गौड़, फूलचंद, हरि प्रकाश, राम कल्प, श्रीराम, छेदी चौधरी, जयराम वर्मा, सत्यराम, राजेन्द्र प्रसाद चौधरी, बगेदू, घनश्याम, राधेश्याम के साथ ही भाकियू के अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।


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