अखिलेश्वर तिवारी
जनपद बलरामपुर में सोमवार को अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ (AIJTF) के आह्वान पर शिक्षक संघ सहित 23 संगठनों के प्रतिनिधि व कार्यकर्ताओं ने टेट की अनिवार्यता को लेकर मशाल जुलूस निकालकर विरोध जताया ।
13 अप्रैल को टेट की अनिवार्यता को समाप्त करने की मांग को लेकर जनपद बलरामपुर में मशाल जुलूस निकाला गया। यह मशाल जुलूस महासंघ के महासचिव दिलीप चौहान के नेतृत्व में तुलसी पार्क से प्रारम्भ होकर एमपीपी इंटर कॉलेज होते हुए वीर विनय चौराहे तक सम्पन्न हुआ। जुलूस के दौरान शिक्षकों एवं विभिन्न घटक संगठनों के पदाधिकारियों ने सरकार के विरुद्ध जोरदार नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को बुलंद किया। हाथों में मशाल लेकर शिक्षकों ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि जल्द ही आरटीई एक्ट 2009 लागू होने के पूर्व नियुक्त शिक्षकों से टेट की अनिवार्यता समाप्त नहीं की जाती, तो आने वाले समय में आंदोलन और अधिक व्यापक एवं उग्र रूप धारण करेगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी सरकार की होगी । महासचिव दिलीप चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि यह लड़ाई शिक्षकों के सम्मान, अधिकार और न्याय की लड़ाई है, जिसे किसी भी कीमत पर अधूरा नहीं छोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों पर टेट की अनिवार्यता थोपना पूर्णतः अन्यायपूर्ण है और इसे तत्काल समाप्त किया जाना चाहिए । इस अवसर पर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष एवं महासंघ के जनपदीय महासचिव तुलाराम गिरी, जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के मंडल मंत्री अरुण मिश्रा, जिलाध्यक्ष नवीन कुमार सिंह, विशिष्ट बीटीसी शिक्षक बे एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष धर्मेन्द्र कुमार शुक्ला, अटेवा के जिलाध्यक्ष अनुराग रस्तोगी, महामंत्री मोहम्मद शाकिर इकबाल, प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक बे एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष डॉ. अनूप कुमार सिंह, उपाध्यक्ष राकेश मिश्रा, एससी एसटी शिक्षक बे एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष शिवपूजन, मंत्री राम सेवक, राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता, गुरू बचन, मंत्री उमेश कुमार, मसऊद आलम अंसारी, रामानुज वर्मा,सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे ।अंत में सभी शिक्षकों ने एक स्वर में संकल्प लिया कि जब तक टेट की अनिवार्यता समाप्त नहीं की जाती, तब तक यह संघर्ष निरंतर जारी रहेगा ।
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