गोण्डा। विगत दो माह से अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन कर रही आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां मंगलवार को करीब चार सौ की संख्या में शासन प्रशासन विरोधी नारे लगाते हुए जेल भरने के लिए कूच गयी। पुलिस ने उन्हें सिविल लाइन्स चैकी पर रोककर हिरासत में ले लिया। बाद में मौके पर पहुंचे नगर मजिस्टेªट ने ज्ञापन लेकर रिहा कर दिया।
बताते चले कि दो माह से मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर कलेक्टेªट परिसर में धरना प्रदर्शन कर रही कार्यकत्रियों के सब्र का बांध टूटा गया डीएम की चेतावनी के बाद भी कार्यकत्रियों का प्रदर्शन जारी रहा। आन्दोलन कार्यकत्रियों को विभाग द्वारा नोटिस जारी की गयी लेकिन अधिकांश कार्यकत्रियों ने नोटिस लेने से मनाकर दिया। मंगलवार को वे जेल भरो आन्दोलन के तहत करीब तीन सौ कार्यकत्रियां जेल की तरफ चल पड़ी जिससे प्रशासन के हाथ पांव फूल गये जेल जा रही कार्यकत्रियों को पुलिस ने सिविल लाइन्स चैकी के पास हिरासत में ले लिया हिरासत में लेने के बाद कार्यकत्रियां उग्र हो गयी और सरकार विरोध में जमकर नारेबाजी की संगठन नेता नीलम पाण्डेय ने कहा कि सूबे की सरकार हमारी वाजिब मांगों को पुलिस बल प्रयोग कर कुचलना चाहती है। लेकिन हम इससे पीछे हटने वाले नही हे। जब तक सरकार हम लोगों के मानदेय में बढ़ोत्तरी नही करती है। तब तक हम लोगों का आन्दोलन जारी रहेगा। मानदेय इतना कम है कि हमारे बच्चों का भरण पोषण भी नही हो पाता जब हम अपने बच्चों को कुपोषण मुक्त नही कर सकती तो इतने कम मानदेय में हम अपने-अपने क्षेत्र के बच्चों को कैसे कुपोषण मुक्त करेगी। एक प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा कि वनज दिवस सहित सभी कार्यक्रम पूरी तरह फ्लाप रहा है। अधिकारी आकड़ों की बाजीगरी कर शासन को गुमराह कर रहें है। इस अवसर पर भारी संख्या मंे आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं सहिकाएं मौजूद रहीं।


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