लखनऊ,अमेठी. तमाम मिशनरी लगाकर निकाय चुनाव में जीत दर्ज कराने वाली सत्तारूढ़ पार्टी बीजेपी गदगद है, खुद पीएम मोदी और सीएम योगी भी इस जीत से फूले नहीं समा रहे। ख़ासकर अमेठी में पार्टी की जीत से बीजेपी इतना खुश हो उठी कि दिल्ली में बीजेपी मेयर से मुलाकात के दौर में अमेठी से जीते प्रत्याशियों को भी तरजीह दी गई। हालांकि अमेठी में बीजेपी का वोट ग्राफ गिरा है। वहीं अमेठी से सटे रायबरेली में भी बीजेपी को सीटें मिली हैं, लेकिन यहां के जीते प्रत्याशियों को मुलाकात के दौर से दूर रखा गया। इससे साफ है पीएम मोदी की राजनैतिक लड़ाई सिर्फ राहुल गांधी से है। इससे मुद्दे पर यूपी कांग्रेस प्रवक्ता ने साफ तौर पर कहा के ये झूठ फरेब वाले लोग हैं, हमारे नेता सच्चे-ईमानदार और योग्य इसलिए इन्हें इनसे ख़तरा है।
पीएम ने कहा था शहर का विकास केंद्र सरकार की योजनाओं से जोड़कर बढ़ाये
आपको बता दें कि निकाय चुनाव में जीते बीजेपी के सभी 14 मेयर ने मंगलवार को दिल्ली में पीएम मोदी से मुलाकात की थी, इन 14 मेयर के साथ अमेठी नगर पंचायत के अध्यक्ष चंद्रमा और जायस नगरपालिका परिषद के अध्यक्ष महेश सोनकर भी पीएम से मिले थे। इस मुलाकात के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडे मौजूद रहे। पीएम मोदी ने सभी को जीत के लिए बधाई दी। उन्होंने यूपी के शहरों का विकास केंद्र सरकार की योजनाओं से जोड़कर बढ़ाने को कहा था।
बीजेपी को रायबरेली में मिली थी दो सीटें
मंगलवार को नई दिल्ली में सभी जीते मेयरों से मुलाकात के दौर अमेठी से जीती चंद्रमा देवी और जायस से जीते महेश सोनकर को भी मुलाकात के लिये बुलाया गया। जहां चंद्रमा देवी को ख़ास तरजीह मिली। लेकिन बीजेपी का ये क़दम तब सवालों के घेरे में आ गया जब रायबरेली के दो प्रत्याशियों को इससे अछूता रखा गया। क्योंकि रायबरेली का भी अपना वही मुकाम है जो अमेठी का। सनद रहे कि रायबरेली के परशदेपुर और महराजगंज सीट से बीजेपी प्रत्याशियों ने जीत दर्ज कराई है।
मेयर छोड़ बीजेपी को निकाय चुनाव हारी तीन चौथाई सीट
इस मसले पर यूपी कांग्रेस के प्रवक्ता अखिलेश प्रताप सिंह ने बातचीत में कहा कि अब बीजेपी के पास कोई मुद्दा नहीं है, 22 वर्षों से गुजरात में हैं जनता को जवाब देही का समय आया है तो बगले झाँक रहे हैं। उन्होंने कहा कि मंदिर की राजनीति करने वाले सीएम के गढ़ में उनके 5 दिनों तक प्रचार करने के बाद मुस्लिम प्रत्याशी जीतता है। उन्होंने ये भी कहा कि मेयर को छोड़ बीजेपी निकाय चुनाव में तीन चौथाई सीट हारी है लेकिन मीडिया महिमामंडन में लगा है। अखिलेश प्रताप ने कहा कि पदों पर झूठ-फरेब करने वाले बैठे हैं, ये ख़त्म हो चुके हैं। सच्चा, ईमानदार और योग्य हमारे नेता के बारे में जनता जान चुकी है।
अमेठी में बीजेपी की जीत पर जानकर ने बताई ये वजह
गौरतलब हो कि प्रदेश में मेयर की 14 सीटों के जीतने के साथ सत्तारूढ़ बीजेपी ने अमेठी नगर पंचायत और जायस नगर पालिका की सीट जीती थी। जिससे बीजेपी काफी खुश है और गुजरात के चुनाव में इसे मुद्दा बनाकर चल रही है। लेकिन इस संदर्भ में जानकारों की राय कुछ अलग है। वरिष्ठ पत्रकार एवं रिटायर्ड प्रोफेसर डा. अंगद सिंह बताते हैं कि अमेठी नगर पंचायत सीट पर अव्वल तो कांग्रेस ने प्रत्याशी ही नहीं उतारा इसका फायदा बीजेपी की चंद्रमा देवी को मिला। इसके अलावा स्वयं उनके पति राजेश अग्रहरी का हर वर्ग के साथ खड़ा होना और मदद करना। वहीं जायस से बीजेपी के महेश सोनकर की जीत पर वो कहते हैं कि एक तो कांग्रेस ने मुस्लिम प्रत्याशी दिया इसके अलावा दर्जन भर की संख्या में मुस्लिम प्रत्याशियों के खड़े होने से मुस्लिम वोटों का बिखराव हुआ। इसका फायदा बीजेपी को मिला, साथ ही तिलोई के बीजेपी विधायक राजा मयंकेश्वर शरण सिंह का रसूक। क्योंकि बीजेपी मंत्री और उनके मध्य रिश्तों की खटास आ चुकी
है जिसको लेकर उन्होंने अपनी प्रतिष्ठा भी लगा रखी थी।
गौरीगंज सीट पर बीजेपी की हुई थी ज़मानत ज़ब्त
यहां बता दें कि जो बीजेपी अमेठी की दो सीट पाकर खुशी से फूले नहीं समा रही उसी ने पहली बार निर्मित गौरीगंज नगरपालिका सीट पर सपा से मुंह की खाई है। आलम ये रहा है के बीजेपी प्रत्याशी 7 वे स्थान पर रहा उसकी ज़मानत तक जब्त हो गई। यहां बीजेपी को महज़ 4% वोट मिले। कमोबेश यही आलम बीजेपी का मुसाफिरखाना नगर पंचायत सीट पर रहा यहां भी वो मैदान में नही टिक पाई थी।



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