मिथिलेश शुक्ला (नीतू)
गोंडा / बभनान:किसी भी राष्ट्र के विकास को मापने का उत्तम मानक वहां का स्वस्थ समाज होता है। नागरिकों की स्वास्थ्य का सीधा असर उनकी कार्य-शक्ति पर पड़ता है। हमारे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का सपना स्वच्छभारत बनाना था। उनके सपने के साथ हमें एक स्वच्छ, हरे भरे और आत्मनिर्भर भारत को बनाना है साथ ही मौजूदा चुनौतियों से निपटना चाहिए। इस दिशा में समाज की अहम भूमिका है और वे इसअभियान में सहभागी बनें और जनआन्दोलन का रूप दें।
स्वच्छभारत अभियान के लिए गाँधीजी ने तीन आयामों की कल्पना की थीजिनमें ‘एक स्वच्छ मस्तिष्क, एक स्वच्छ शरीर और स्वच्छ परिवेश’ शामिल है। उक्त बाते डॉ जे पी पांडे ने राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर के दूसरे दिन शिविरार्थी छात्राओं से जे देवी महिला महाविद्यालय में बौद्धिक सत्र के दौरान कही । प्रथम सत्र में राष्ट्रीय सेवा योजना की शिविरार्थी छात्राओं द्वारा ग्राम करनपुर, मंदिर, बभनान महाविद्यालय समेत कई जगहों पर साफ-सफाई की।
शिविरार्थी छात्राओं द्वारा किए गये स्वच्छता कार्यो की महाविद्यालय के प्रबंध का आशा पांडे पाण्डेय, कार्यक्रम अधिकारी डॉ राजेश श्रीवास्तव, डॉ संतोष तिवारी,व भूपेश मिश्र, अश्वनी मालवीय, त्रिभुवन, स्नेहा जायसवाल, सीमा वर्मा,ने प्रशंसा करते हुए उनकी स्वच्छता के सक्रियता की सराहना की। इस मौके पर मोनी, नीतू, वर्मा,नेहा,किरण, सुमन, नीतू, रीना,अर्चना, मनीषा, गुंजन, सहित तमाम शिवरार्थी छात्राएं उपस्थित रही।
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