मिथिलेश शुक्ला (नीतू)
गोंडा / बभनान:
राष्ट्रीय सेवा योजना राष्ट्र की युवा शक्ति के व्यक्तित्व विकास हेतु युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार द्वारा संचालित एक सक्रिय कार्यक्रम है। इसके गतिविधियों में भाग लेने वाले विद्यार्थी समाज के लोगों के साथ मिलकर समाज के हित के कार्य करते है। साक्षरता संबंधी कार्य, पर्यावरण सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं सफाई आपातकालीन या प्राकृतिक आपदा के समय पीड़ीत लोगों की सहायता आदि। विद्यार्थी जीवन से ही समाजपयोगी कार्यों में रत रहने से उनमें समाज सेवा या राष्ट्र सेवा के गुणो का विकास होता है। एक आदर्श नागरिक बनने के लिए इन गुणों का विकास होना अत्यंत आवश्यक है। उक्त बातें आचार्य नरेंद्र देव किसान स्नातकोत्तर महाविद्यालय के हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ धर्मेंद्र शुक्ला ने शिविरार्थी छात्राओं को संबोधित करते हुए तीसरे दिन बौद्धिक सत्र में कहीं।
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श्री शुक्ला ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना का उद्देश्य हमें राष्ट्रीय सेवा के लिए प्रेरित करता है। यह सिखाता है कि हमारे लिए समाज पहले है। राष्ट्रीय सेवा योजना एक मंच है। जिससे जुड़कर हम मानवता के लिए अनेक कार्य कर सकते हैं। समाज में फैली बुराइयों को दूर कर सकते हैं। स्वावलंबन व व्यक्तित्व निर्माण में भी सहयोग दे सकते हैं। सेवा भाव परम भाव है। राष्ट्रीय सेवा योजना कर्म के महत्व को सिखाती है। गीता जैसे पवित्र ग्रंथ में कर्म को ही सर्वोपरि माना है। इसके पहले प्रथम सत्र में डॉक्टर जे पी पांडे द्वारा शिवरार्थी छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और शिविरार्थी छात्राओं में दवाई वितरित की गई। साथ ही डॉक्टर पांडे ने शिविरार्थियों को रोगों से बचाव व ठंड के बचाव के बारे में बताया। कार्यक्रमाधिकारी डॉ संतोष, डॉ राजेश श्रीवास्तव, ने आए हुए मुख्य अतिथि व वरिष्ठ जनों का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर डॉ भूपेश, पूनम शुक्ल, बृज भूषण लाल, स्नेहा जायसवाल, सरिता दूबे, नेहा पाल, सुधा शुक्ला, शाकरून निशा, सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।



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