बहराइच प्रशाशन की बेरुखी से मरीजो के अधिकार पर लगा ग्रहण,,,,,,,
बिना चद्दर व कम्बल के ठिठुर रहे मरीज अगर ठंड से हुई मौत तो कौन होगा जिम्मेदार डीएम, साहब।आखिर कब निभाएंगे जिले के मुखिया होने का फर्ज।
जिला अस्पताल में स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही से ध्वस्त हुइ व्यवस्था।
आखिर जाड़े के कहर से होने वाली मौतों का जिम्मेदार कौन होगा डी एम साहब।
बहराइच जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड से लेकर सर्जिकल, ऑर्थो, आइसोलेशन, व हड्ड़ी वार्ड में मरीजो की बेहतर चिकित्सीय सेवा के दावे खोखले साबित हो रहे है हालात ये है कि सर्द मौसम की मार से पीड़ित मरीजों को तत्काल कम्बल चद्दर तक नही उपलब्ध कराया जा रहा है जबकि जाड़े के मौसम में कोल्ड स्ट्रोक से पीड़ित मरीजों को चद्दर कम्बल प्राथमिकता के आधार पर देना चाहिए इसे स्वास्थ्य कर्मियों की संवेदन हिंता कहे या घोर लापरवाही ।सेवा भाव तो इन भृष्ट स्वास्थ्य कर्मियों को छू तक नही गया है ऐसे में अगर ठंड लगने से किसी मरीज की हालत बिगड़ती और वो मरीज काल के गाल में समा जाता है तो इसका जिम्मेदार कौन होगा जिलाधिकारी साहब शिकायते तो बहुत बार हुई लेकिन पीड़ित मरीजों को आपकी कार्यवाही का इंतिजार कब खत्म होगा डी एम साहब,???
इस सम्बंध में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डाक्टर पी,के,टण्डन को कई बार अवगत कराया गया लेकिन उनका भी रवैय्या लापरवाही भरा रहा नतीजा ये है जी ना तो बेअन्दाज स्वास्थ्य कर्मी सुधरने का नाम ले रहे है न ही उनपर प्रशाशन की कार्यवाही कोई डर है।ऐसे में गरीबो की चिकित्सा व मरीजो की जान पर संकट के बादल छाए हुए है





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