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शबरी संकल्प अभियान योजना के तहत एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन


अमरजीत सिंह 
फैजाबाद:विकासखंड मवई के सभागार में मंगलवार को अति कुपोषित व कुपोषित बच्चों की बेहतर देखभाल हेतु सरकार द्वारा चलाई जा रही शबरी संकल्प अभियान योजना के तहत एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया जिसमे कई जिम्मेदार पदों के लोग नही पहुचे बता दे प्रदेश को कुपोषण से मुक्त कराने के लिये सरकार ने सबरी संकल्प अभियान संचालित करने का निर्णय लिया है।इस अभियान के तहत सरकार जहां एक ओर लाभार्थियों को सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराना है वही विभाग के आधारभूत ढांचे को मजबूत करना है।इसी का पांच दिवसीय प्रशिक्षण मवई ब्लॉक के सभागार में एक जनवरी से प्रारम्भ किया।प्रशिक्षण में स्वास्थ्य विभाग,आईसीडीएस,पंचायती राज,ग्राम्य विकास व खाद्य एवं रसद विभाग के जिम्मेदारों की उपस्थित अनिवार्य थी।जिन्हें योजना के बेहतर क्रियान्वयन हेतु प्रशिक्षित किया जाना था।इसके लिये सीडीपीओ सरिता सचान ने सभी विभाग के जिम्मेदारों को पत्र भी भेजा था।लेकिन बाल विकास विभाग के अलावा अन्य विभागों के जिम्मेदारों की भारी उदासीनता के चलते सोमवार मंगलवार दोनों दिन का प्रशिक्षण फ्लॉप ही रहा।
प्रशिक्षण के प्रमुख बिंदु के मुताविक स्वास्थ्य विभाग की ओर से आशाओं को प्रशिक्षित किया जाना था।इसमें गर्भवती महिलाओं का एमसीटीएस रजिस्ट्रेशन और प्रसव पूर्व मासिक जांच करवाना अनिवार्य होगा।जांच में वजन, हीमोग्लोबिन, पेट की जांच, पेशाब की जांच प्रमुख रूप से की जाएगी।प्रसव के एक घंटे उपरांत नवजात को स्तनपान कराए जाने की भी जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग में तैनात आशाओं की होगी।इसी प्रकार बाल विकास के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों पर निर्धारित मात्रा में मासिक अनुपूरक पोषाहार पाने वाली गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण किया जाएगा। केंद्र पर 06 माह से 03 वर्ष तक के बच्चों को निर्धारित मात्रा में मासिक अनुपूरक पोषाहार अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराया जाएगा। इसी में 05 वर्ष से कम उम्र के अति कुपोषित बच्चों के घर पर कार्यकर्ता कम से कम माह में एक बार भ्रमण अवश्य करेंगी।पंचायती राज व्यवस्था अंतर्गत इस योजना के तहत खुले में शौचमुक्त गांव बनाने के साथ ही प्राथमिक तथा उच्च प्राथमिक विद्यालयों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा।इसी निगरानी ग्राम सभा स्तर पर होगी जिसकी प्रतिमाह समीक्षा भी की जाएगी।कुपोषित व अति कुपोषित बच्चों के परिवार के सदस्य को मनरेगा योजना के तहत जाबकार्ड उपलब्ध कराना भी योजना का मुख्य लक्ष्य है। साथ ही ऐसे बच्चों के परिजनों को राशन कार्ड उपलब्ध कराते हुए प्रति माह पीडीएस योजना के अंतर्गत अनुमन्य मात्रा में खाद्यान्न की उपलब्धता सुनिश्चित किया जाना भी आवश्यक होगा।इस प्रकार से पांच विभाग के जिम्मेदारों द्वारा एएनएम आशा आंगनबाड़ी कार्यकत्री पंचायत सचिव ग्राम प्रधान व कोटेदार को प्रशिक्षित किया जाना था।लेकिन पहले व दूसरे दिन के प्रशिक्षण में महज स्वास्थ्य व बाल विकास विभाग की 25 प्रतिशत कर्मचारी ही सामिल हुए।शेष लोग अनुपस्थिति रहे।इसी के चलते मवई ब्लॉक का प्रशिक्षण महज एक डेढ़ घंटे में ही सम्पन्न हो गया।

इस माइक्रोप्लान के तहत निम्न विभाग के कर्मियों को देना था प्रशिक्षण।
1जनवरी को- 100 आशाओं
2जनवरी-21 कोटेदार 16 एएनएम 63 आशा
3जनवरी-55 प्रधान 8 पंचायत सचिव 37 कोटेदार
4 जनवरी-2 आशा व 98 आंगनबाड़ी कार्यकत्री
5जनवरी-65 आंगनबाड़ी कार्यकत्री

एक चाय दो बिस्कुट के सहारे तीन घंटे का प्रशिक्षण

मंगलवार को ब्लॉक के सभागार में प्रशिक्षण में कुल 26 आशा मौजूद रही।जबकि मंगलवार के प्रशिक्षण में 21 कोटेदार 16 एएनएम व 63 आशाओं को प्रशिक्षित करना था।लेकिन कोटेदार व एएनएम नही तो नही आये।26 आशाएं आई।वो हस्ताक्षर बनाकर चलती बनी।
इस प्रशिक्षण में स्वास्थ्य विभाग तथा खाद्य व रसद विभाग का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी नही सामिल हुआ।दोपहर 11 बजे से शुरू प्रशिक्षण एक बजे तक सम्पन्न हो गया।और प्रशिक्षण कक्ष की सारी कुर्सियां खाली हो गई।बाहर घूम रही आशाओं ने बताया कि इतनी प्रशिक्षण में केवल एक चाय व दो पारले बिस्कुट मिले।इतनी ठंड में इसी के सहारे प्रशिक्षण सम्पन्न करा दिया गया।इस बावत प्रशिक्षक बाल विकास परियोजना अधिकारी मवई सरिता सचान ने बताया सभी को सूचना दी गई पर अन्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी ही नही सहयोग कर रहे।तो क्या करें।वही स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सा प्रभारी मवई निखिल कुमार ने बताया उन्हें इस प्रशिक्षण के बारे में बताया कि प्रशिक्षण के बावत न किसी ने बताया न ही कोई आदेश ही आया।वही सप्लाई इंस्पेक्टर लालमणि ने बताया पत्र तो आया था लेकिन तहसील दिवस पड जाने के कारण वो और कोटेदार प्रशिक्षण में नही आ पाए

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