सुल्तानपुर।कूरेभार थाना क्षेत्र के जजौर गांव निवासी घनश्याम मौर्या की बीते चौबीस दिसंबर को बेरहमी से कत्ल कर दिया गया था।घटना को अंजाम देने के बाद कातिल फरार हो गए थे।पुलिस टीम पर हत्या की गुत्थी को सुलझानें की बड़ी चुनौती थी।हत्याकांड का खुलासा करने के लिए पुलिस अधीक्षक ने पुलिस टीम का गठन किया था।जिसमे क्राइम ब्रांच प्रभारी आज़ाद सिंह केसरी व थाना कूरेभार तथा बल्दीराय की टीम मुस्तैदी के साथ हत्याकांड का खुलासा करने में लगी थी।तभी मुखबिरों ने थाना कूरेभार प्रभारी निरीक्षक को सूचना दिया की आरोपी कटका बाजार के सेमरी मोड़ पर कंही बाहर भागने के फिराक में है।मुखबिर की सूचना को सही मानते हुए क्राइम ब्रांच तथा थाना कूरेभार एवं बल्दीराय पुलिस टीम अपने हमराही के साथ पँहुची तभी सभी आरोपी पुलिस को देखकर भागने लगे।पुलिस टीम ने भागते हुए दो आरोपियों को दौड़ा के पकड़ लिया जबकि एक आरोपी भागने में कामयाब रहा।पकड़े गए आरोपियों के पास से दो अदद तमंचा व दो अदद जिन्दा कारतूस तथा मृतक का आधार कार्ड भी बरामद किया गया है। पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में बताया:
पकड़े गये आरोपियों में वीरेन्द्र प्रताप सिंह उर्फ बब्लू ने पूछताछ में हत्या की बात कबूल किया और बताया हमारा जमीन को लेकर विवाद संजीत यादव से चला आ रहा था।पूर्व में हमने जमीन को बेचने के लिए जमीन का एग्रीमेंट कुछ लाख रुपये लेकर श्रवण यादव उर्फ पिंटू निवासी जजौर के नाम एग्रीमेंट कर दिया था।घनश्याम मौर्या उसी जमीन पर टीनशेड लगा रहा था,जिससे संजीत यादव से विवाद हो गया था।मौके का फायदा उठाते हुए हमने अपने साथियों के साथ शराब पिलाने के बहाने घनश्याम मौर्य को गांव के बाहर बुलाकर अपने साथी आशीष सिंह,व सत्यम सिंह के साथ मिलकर घनश्याम मौर्य की गोली मारकर उसकी हत्या कर दिया।मृतक के लड़के से मिलकर संजीत यादव व श्रवण यादव एवं अमित को नामजद भी करवा दिया,जिससे मुझे एग्रीमेंट के पैसे वापस ना देने पड़े और जमीन विवाद का मुकदमा में भी सुलह हो जाये और वादी जेल भी चला जाये।पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों पर संबंधित धारा में मुकदमा पंजीकृत कर जेल भेज दिया।साथ ही पुलिस अधीक्षक ने हत्या का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को पंद्रह हजार का पुरस्कार भी दिया।


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