सुनील उपध्याय
हापुड़ । मंगलवार को श्री चंडी मंदिर प्रबंधक समिति रजिस्टर्ड की एक आपात बैठक को आहूत की गई। बैठक में बताया गया कि समिति के प्रधान चेतन प्रकाश अग्रवाल, मंत्री अनिल कुमार गोयल एवं कोषाध्यक्ष राजेंद्र कुमार अग्रवाल के खिलाफ दूसरे पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने मंदिर के दान, गुल्लक एवं दुकान के किराये से आने वाले रुपये के गबन का आरोप लगाया था। आरोप था कि गुल्लक से आठ लाख रुपये और दुकान के किराये के छह लाख रुपये का गबन कर लिए गए। इसके बाद मामले की जांच फर्म्स, सोसाइटील एवं चिट्स के डिप्टी रजिस्ट्रार ने की। जांच अधिकारी सुभाष सिंह ने दो फरवरी को उपप्रधान भागीरथ मल चौधरी को भेजी जांच रिपोर्ट में तीनों आरोपियों को गबन करने का दोषी बताया है। जिसके बाद मंगलवार को समिति की बैठक हुई और सदस्यता को रद कर जांच अधिकारी को पत्र भेज दिया गया है। बैठक में उप प्रधान भागीरथ मल चौधरी, उपमंत्री ललित कुमार, लेखाधिकारी धर्मेंद्र शर्मा, सदस्य नरेंद्र अग्रवाल, योगेश जैन, सुरेश चंद संपादक, हरिकिशन अग्रवाल और अशोक कुमार गुप्ता उपस्थित रहे। श्री चंडी मंदिर के प्रधान, मंत्री एवं कोषाध्यक्ष को चंडी मंदिर में आने वाले दान में गबन करने का दोषी माना गया है। जांच अधिकारी ने डिप्टी रजिस्ट्रार द्वारा दी गई जांच रिपोर्ट के बाद मंगलवार को गढ़ रोड पर कमेटी की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में सर्वसम्मति से तीनों पदाधिकारियों की सदस्यता रद कर दी गई। इस संबंध में एक पत्र जारी कर दिया गया।


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