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BALRAMPUR...भारतीय संस्कृत ज्ञान परीक्षा के मेधावी हुए सम्मानित

अखिलेश्वर तिवारी 
जनपद बलरामपुर में संस्कार, संस्कृति और राष्ट्र चेतना के पावन उद्देश्य को लेकर अखिल भारतीय विश्व गायत्री परिवार के तत्वावधान में आयोजित भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा–2025 के प्रमाण पत्र एवं मेडल वितरण कार्यक्रम मंगलवार को सुंदर दास राम लाल इंटर कॉलेज, बलरामपुर के प्रांगण में श्रद्धा, अनुशासन और आध्यात्मिक वातावरण के बीच सम्पन्न हुआ।

13 जनवरी को गायत्री शक्तिपीठ बलरामपुर से पधारे भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा समिति के सदस्यों एवं कार्यकर्ताओं द्वारा कक्षा स्तर पर प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र छात्राओं सपना चौरसिया, दिव्यांशी उपाध्याय, मयंक यादव, अक्षत शुक्ला, मानसी वर्मा, दीपिका उपाध्याय, आस्था सिंह, सिद्धांत उपाध्याय, शिवम मौर्य, शास्वत सिंह, सौरभ शुक्ला, माही कसौंधन, प्रशांत चौरसिया, आदित्य राव, वैष्णवी मिश्रा तथा अदिति सिंह को सम्मानित किया गया। यह परीक्षा बच्चों और युवाओं में भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों, राष्ट्रभक्ति एवं आध्यात्मिक चेतना के जागरण का सशक्त माध्यम है। कार्यक्रम का शुभारंभ भक्तिमय स्वागत गीत “किस तरह से नमन करुं आपका, स्वागतं स्वागतं स्वागतं आपका” से हुआ, जिसने वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। तत्पश्चात मंत्रोच्चारण के साथ टी. पी. तिवारी एवं प्रभास मणि पाण्डेय द्वारा तिलक-वंदन कर अतिथियों का सम्मान किया गया। विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने पुष्प वर्षा कर अतिथियों का भावपूर्ण अभिनंदन किया। अपने प्रेरक उद्बोधन में विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री एन एन मिश्र ने कहा कि भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा बच्चों के भीतर संस्कारों के बीज बोने का कार्य करती है, जिससे वे अनुशासित, चरित्रवान एवं राष्ट्र के प्रति समर्पित नागरिक बन सकें। कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा समिति के सदस्य शिवकुमार कश्यप, दिलीप श्रीवास्तव एवं सुनील वर्मा की उपस्थिति रही। इस अवसर पर दिलीप श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि जनपद में सर्वाधिक छात्रों द्वारा परीक्षा फार्म भरने में यह विद्यालय द्वितीय स्थान पर रहा है, जो विद्यालय परिवार के संस्कारमय प्रयासों का प्रमाण है। उन्होंने विद्यालय में बच्चों के आचरण, अनुशासन और सांस्कृतिक चेतना की प्रशंसा करते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों द्वारा विद्यालय के प्रधानाचार्य एन एन मिश्र को अंगवस्त्र एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया, वहीं विद्यालय के उप- प्रधानाचार्य लोकेश श्रीवास्तव को भी प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। सम्पूर्ण आयोजन में यह संदेश स्पष्ट रूप से उभरकर आया कि भारतीय संस्कृति ही जीवन को संस्कारित, समाज को सशक्त और राष्ट्र को महान बनाती है।

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