रमेश कुमार मिश्र
तरबगंज गोण्डा।तरबगंज तहसील हमेशा चर्चाओ में बनी रहना चाहती है।जहाँ ना योगी सरकार के आदेश की परवाह है ना किसी अधिकारी से मिले निर्देश का पालन।सारे काम कानून को ताकपर रखकर किये जारहे है।अगर आपको भष्टाचार का जीता जागता उदाहरण देखना है तो तरबगंज तहसील के सब रजिस्टार आफिस में आकर देख सकते है।जहाँ सरकार के बनाये सारे कानून फेल हो चुके है।और भष्टाचार मुँह बाये खड़ा आपका इन्तजार कर रहा है।जमीन दूसरे के नाम और बैनामा कोई दूसरा लिख रहा है।केवल रूपया चाहिए।अगर आपके पास रूपया है।और किसी दूसरे की जमीन बैनामा कराना है।तो रजिस्टार आफिस तरबगंज में सम्पर्क करके जो इच्छा करवा सकते है।क्योकि इस तहसील में कोई नियम कानून नही चलता केवल पैसा चलता है।किसी की भी जमीन घर किसी से भी लिखा सकते है।कुछ नही होगा क्योकि यहाँ अधिकारी आफिस में आँख मूदकर बैठते है।बाद में कुछ भी करो अधिकारियों के पास दौड़ते रहो सुनवाई कहीं नही हो सकती।
बताते चले की मामला तरबगंज तहसील के ग्रामसभा रानीपुर के मजरा छीटू पुरवा का है।जहाँ की निवासिनी नीरजा देवी पत्नी शिववहादुर ने डीएम, कमिशनर,डीआईजी,वा मुख्यमंत्री को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया की गाटा सं.530/0.1150हे.में 1/5भाग रकवा 0.0230 हे.सम्पूर्ण अंश इन्द्रावती पत्नी प्रेमनाथ निवासी मथुराचौबे तहसील गोण्डा से बैनामा लेरखा है।जो राजस्व अभिलेखो (खतौनी) में दर्ज है।जबकि राम सुरेमन बहुत ही चालाक वा षड़यंत्रकारी व्यक्ति है।और उसके पिता जीवित है।जमीन पिता के नाम है।फिर भी राम सुरेमन सबरजिस्टार तरबगंज को मिलाकरके गाटा सं.उपरोक्त पिता के नाम की जमीन 20/09/2017 को मेसून पत्नी नासिर निवासी उपरोक्त के नाम बैनामा कर दिया।जो सरासर गलत है।पिता के नाम की जमीन लड़का बैनामा नही कर सकता।इसकी जाँच होनी चाहिए।और जो गिरोह सक्रीए है उसके ऊपर सख्त से सख्त कार्यवाही होनी चाहिए।और तो और ये सारे गलत NB बैनामे उपजिलाधिकारी तरबगंज के आँख के सामने होरहे है।ये तो बानगी भर है।अगर जितने बैनामे हुए है सही जाँच की जाय तो काफी मामले उजागर हो जायेगे।
क्या कहते है जिम्मेदार।
पूछने पर सब रजिस्टार तरबगंज ने गैर जिम्मेदाराना ब्यान देते हुए कहा की हमारी जानकारी में नही है।देखते है


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